बिना सुरक्षा इंतजाम के अधूरा बाईपास बना मौत का फंदा, ट्रक पलटने से दो घायल

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खैरागढ़। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दस साल पहले शुरू किया गया बाईपास बनाने का काम आज भी अधूरा है, जिसकी वजह से भारी वाहनों से शहर में प्रवेश से दुर्घटनाएं हो रही है. ऐसा ही वाकया गुरुवार रात साईं मंदिर के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक के अनियंत्रित होकर पलटने से दो लोग घायल हो गए, वहीं ट्रक चालक को गंभीर हालत में इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया है.

जानकारी के अनुसार, बारदाना भरा ट्रक राजनांदगांव से साल्हेवारा की ओर जा रहा था. मोटर साइकिल रिपेयरिंग दुकान के पास अनियंत्रित होकर पलट गया. मौके पर संजय टंडन और उनका एक साथी मौजूद था. ट्रक की चपेट में आने से दोनों घायल हो गए. संजय टंडन का नाबालिग बेटा भी वहीं खेल रहा था, लेकिन संजय ने उसे समय रहते बचा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.  वहीं हादसे में बालाघाट जिले का रहने वाला ट्रक चालक टिकेंद्र चौहान का हाथ ट्रक में बुरी तरह फंस गया, जिसे निकालने के लिए क्रेन मंगानी पड़ी.

काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया. खैरागढ़, छुईखदान और गंडई को जिला बनाए जाने के बाद से मुख्यालय में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है.  प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं. पूर्ववर्ती सरकार ने आनन-फानन में जिला गठन तो कर दिया, लेकिन आधारभूत ढांचे के विकास की कोई ठोस योजना नहीं बनाई.

आज भी जिला मुख्यालय पॉलिटेक्निक कॉलेज में और एसपी कार्यालय डाइट बिल्डिंग में चल रहा है.  शहर की सड़कों पर भारी वाहन दिन-रात गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है. यातायात समस्या को हल करने के लिए वर्षों पहले एक बाईपास सड़क बनाने की योजना शुरू हुई थी, लेकिन दस साल बाद भी यह अधूरी पड़ी है. नतीजा यह है कि भारी वाहन शहर के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं.

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