कोरबा/रांची(आधार स्तंभ) : कोरबा के एक पूर्व सैनिक एवं कारगिल युद्ध में शामिल रहे प्रेमचंद पाण्डेय के साथ रांची स्थित टोल प्लाजा में साझेदारी दिलाने के नाम पर 34 लाख 40 हजार रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में झारखंड के नगड़ी थाना पुलिस ने कोरबा के सराफा व्यवसायी जय कुमार सोनी, उसके साले जतिन रामवानी, टोल मैनेजर लवकुश यादव तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार दर्री निवासी 48 वर्षीय प्रेमचंद पाण्डेय पूर्व सैनिक एवं कारगिल योद्धा का कहना है कि कोरबा स्थित न्यू जेके ज्वेलर्स में सोने-चांदी के लेन-देन के दौरान उनकी पहचान दुकान संचालक जय कुमार सोनी और उसके साले जतिन रामवानी से हुई थी। दोनों ने स्वयं को झारखंड में टोल प्लाजा संचालन से जुड़ा बताते हुए साझेदारी का प्रस्ताव दिया।
👉🏻NHAI का टेंडर मिलने का दिया झांसा
शिकायत के मुताबिक 5 अगस्त 2025 को जय सोनी और जतिन रामवानी ने बताया कि उन्हें रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र स्थित पतरा चौली टोल प्लाजा का टेंडर मिला है। धनाभाव के कारण वे टोल को पार्टनरशिप एवं सबलेट पर देना चाहते हैं। आरोपियों ने टेंडर से जुड़े दस्तावेज, रिजल्ट और 31 जुलाई 2025 को भेजे गए स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास दिलाया कि टोल संचालन में भारी मुनाफा होगा।
इसके बाद 25 अगस्त 2025 को जतिन रामवानी ने व्हाट्सएप पर रांची जाने का टिकट भेजा। जय सोनी स्वयं प्रेमचंद पाण्डेय को पतरा चौली टोल प्लाजा लेकर गया और टोल दिखाकर उसे वास्तविक एवं लाभदायक व्यवसाय बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया।
👉🏻रिश्तेदार से मंगाकर दिए लाखों रुपये
आवेदन के अनुसार 26 अगस्त 2025 को प्रेमचंद पाण्डेय ने अपने रिश्तेदार अभिषेक कुमार को बुलाकर जय सोनी को 1.90 लाख रुपये नकद दिए। अगले दिन टोल प्लाजा के पास ही 2.40 लाख रुपये और नकद दिए गए। इसके बाद अलग-अलग अवसरों पर बैंक खाते और नकद के माध्यम से लगातार रकम ली जाती रही और कुल 34 लाख 40 हजार रुपये आरोपियों ने प्राप्त कर लिए। इसकी बैंक एंट्री एवं अन्य दस्तावेज शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं।
👉🏻100 रुपये के स्टांप पर हुआ था अनुबंध
शिकायत में उल्लेख है कि बाद में 100 रुपये के स्टांप पर लिखित अनुबंध किया गया, जिसमें टोल प्लाजा के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी प्रेमचंद पाण्डेय को देने की बात लिखी गई। अनुबंध के अनुसार फास्टैग से प्राप्त राशि न्यू जेके ज्वेलर्स के खाते में जानी थी, जबकि नकद टोल वसूली संचालन करने वाली पार्टी के पास रहनी थी। साथ ही टोल का पूर्ण संचालन सौंपे जाने पर अक्टूबर में 40 लाख रुपये तक के अतिरिक्त निवेश का भी उल्लेख किया गया था।
👉🏻LOA मिलने के बाद शुरू कराया संचालन
शिकायतकर्ता का कहना है कि LOA मिलने के बाद 19 सितंबर 2025 से उसके कर्मचारियों को टोल प्लाजा पर वसूली के लिए लगाया गया। संचालन के दौरान नकदी की आवश्यकता बताकर जय सोनी और जतिन रामवानी समय-समय पर बैंक खाते और नकद के माध्यम से और भी रकम लेते रहे।
👉🏻आमदनी बढ़ी तो कर्मचारियों को धमकाकर भगाया
प्रेमचंद पाण्डेय के अनुसार कुछ महीनों बाद जब टोल की आय बढ़ने लगी तो जय सोनी, जतिन रामवानी और टोल मैनेजर लवकुश यादव ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके कर्मचारियों अभिषेक कुमार, आईटी प्रिंस सिंह और राहुल कश्यप को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। भय के कारण सभी कर्मचारी टोल प्लाजा छोड़कर भाग गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपियों ने टोल पर कब्जा कर लिया और व्हाट्सएप ग्रुप, जिसके माध्यम से टोल कलेक्शन की जानकारी भेजी जाती थी, उसमें से शिकायतकर्ता को हटा दिया गया। कर्मचारियों को फोन कर दोबारा टोल पर दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा किया गया है।
👉🏻NHAI पहुंचने पर खुला पूरा खेल
घटना के बाद प्रेमचंद पाण्डेय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के रांची स्थित कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि NHAI के नियमों में टोल प्लाजा को पार्टनरशिप या सबलेट पर देने का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि नियमों की जानकारी नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने शुरू से ही सुनियोजित तरीके से झूठे आश्वासन देकर उनसे भारी रकम हासिल की।
👉🏻मथुरा में भी ठगी की शिकायत का दावा
शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि जय कुमार सोनी के खिलाफ मथुरा में भी टोल पार्टनरशिप और सोने-चांदी के कारोबार के नाम पर लोगों से ठगी करने की शिकायत दर्ज होने की जानकारी उन्हें मिली।
👉🏻पैसे मांगने पर गुंडों से पिटवाया, पिस्टल तानकर दी जान से मारने की धमकी
प्रेमचंद पाण्डेय ने बताया कि लगातार कई महीनों तक जय सोनी उन्हें लाभ और मूल राशि लौटाने का आश्वासन देता रहा, जिससे उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन जब पैसे वापस नहीं मिले तो 7 जुलाई 2026 को वह अपने साथी अभिषेक के साथ पतरा चौली से गुमला जाने वाले मार्ग पर पहुंचे, जहां एक अज्ञात व्यक्ति उन्हें जय सोनी के पास ले गया।
आरोप है कि वहां जय कुमार सोनी, जतिन रामवानी, लवकुश यादव और अन्य लोगों ने पैसे मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की। मारपीट में उनका एक दांत टूट गया। आरोपियों ने उनका सोने का चेन और चांदी का ब्रेसलेट भी छीन लिया। शिकायत के अनुसार इसी दौरान एक आरोपी ने उन पर पिस्टल तान दी और दोबारा पैसे मांगने या पुलिस में शिकायत करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर निकले।
👉🏻 शिकायतकर्ता की मांग
पूर्व सैनिक ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी,आपराधिक विश्वासघात, मारपीट, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में कठोर कार्रवाई, 34.40 लाख रुपये की बरामदगी, छीना गया सोने का चेन एवं चांदी का ब्रेसलेट वापस दिलाने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
👉🏻इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
आवेदन के आधार पर नगड़ी थाना में कांड क्रमांक 126/2026 दिनांक 25 जुलाई 2026 को धारा 316(1), 318(4), 126(2), 115(2), 303(2), 351(2), 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में जय कुमार सोनी (निवासी पावर हाउस रोड, कोरबा), जतिन रामवानी (निवासी पावर हाउस रोड, कोरबा), टोल मैनेजर लवकुश यादव (मूल निवासी उन्नाव, उत्तर प्रदेश) तथा अन्य अज्ञात आरोपियों को नामजद किया है। मामले की जांच पुलिस उप निरीक्षक यशराज सिंह को सौंपी गई है।




