कोरबा (आधार स्तम्भ). 6 मई मंगलवार को भारत सरकार के वित्त एवं राजस्व विभाग के अंतर्गत जीएसटी सीजीएसटी और सेन्ट्रल विभाग द्वारा जीएसटी भवन टिकरापारा रायपुर में जीएसटी आडिट से संबंधित विषय पर बैठक आयोजित की गयी। जिसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट एसोसिएशन, टेक्स बार एसोसिएशन और जिला चेम्बर ऑफ कामर्स कोरबा के अध्यक्ष एवं महामंत्री को आमंत्रित किया गया था। बैठक में जिला चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज कोरबा के अध्यक्ष योगेश जैन और महामंत्री विनोद अग्रवाल शामिल हुए।
2 घंटे चली बैठक में सीए, व्यापारी और अधिकारियों के आपसी सामंजस्य स्थापित करने पर जोर दिया गया एवं बहुत सारी भ्रांतियों का निदान किया गया। जैसे किसी फर्म का फार्म 9 नहीं भरा गया होगा तो उस फर्म को स्क्रूटनी का यदि नोटिस आ गया होगा तो उसका आप यह जवाब दे दें कि अभी इसका फार्म 9 नहीं भरा गया है, तो ही आपका स्क्रूटनी का नोटिस को निरस्त कर दिया जायेगा। अन्य विषय जैसे धारा 74 के अंतर्गत नोटिस न देकर धारा 73 में नोटिस देने की मांग सीए एसोसियेशन द्वारा रखी गई, जिसमें पेनाल्टी से राहत मिलती है। अधिकारियों द्वारा आडिट के दौरान डाटा देने के लिए सीए या व्यापारियों द्वारा बहुत लेटलतीफी की जाती है उसके लिए सहयोग की अपील की गयी । उनके द्वारा कहा गया है कि आपके द्वारा फार्म 9 भरने के बाद ही आडिट का नोटिस निकलता है, इसका मतलब आपके द्वारा जो भी त्रुटि रही होगी उसमें सुधार हो चुका होगा, उसके बाद डाटा न देना, शंका उत्पन्न करता है, अतएव आडिट का डाटा जल्द देने की अपील करते हैं। उक्ताशय की जानकारी चैम्बर के कार्यालय मंत्री सत्येन्द्र पूरी ने दी ।
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