नदी में कूदने के बाद 1 मिनट 20 सेकेंड में डूबने लगा,इधर रील बनती रही उधर मौत ने लील लिया

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कोरबा(आधार स्तम्भ) :  हमारे आसपास घटित होने वाली कुछ घटनाएं कभी-कभी बड़ा सबक बनकर सामने आती हैं। ऐसी घटना किसी के साथ भी घटित ना हो, इसके प्रति लोगों को न सिर्फ जागरूक करने की आवश्यकता है बल्कि स्वयं भी सजग रहने की जरूरत है। वर्तमान दौर में जब रील का नशा युवाओं के सिर पर चढ़कर बोल रहा है, तब ऐसी रीलों के कारण न जाने कितनी युवा जानें अपने परिवार को जिंदगी भर का गम देकर जा चुकी हैं। घटित होने वाली दुर्घटनाओं से सबक लेना बेहद जरूरी है। कुसमुंडा क्षेत्र में हुई घटना न सिर्फ हृदय विदारक है बल्कि यह बताने के लिए एक बार फिर काफी है कि रील ऐसी ना बनाओ जो आपकी जिंदगी को ही लील ले। हालांकि, मौत किसको कब, कहाँ, कैसे आनी है,यह विधाता ने तय कर रखा है, किन्तु असावधानी-सावधानी अपने हाथ में है।

जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर कुसमुंडा अहिरन नदी में बीते मंगलवार को नहाने गए युवक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। युवक नदी में नहाने छलांग लगाता है, एक मिनट 10 सेकेंड तक वह नदी में तैरता है, उसके बाद हाथ-पाँव थक जाते हैं,हिम्मत जवाब देने लग जाती है और धीरे-धीरे वह पानी में समा जाता है। इस घटना का वीडियो उसके दोस्त ने अपने मोबाइल में बना लिया। उसके दोस्त का कहना है कि मैं तैरना नहीं जानता था,निखिल ने मुझे वीडियो बनाने बोला कि मैं नदी में नहाने कूद रहा हूं, तू मेरा विडियो बनाना, इंस्टाग्राम में पोस्ट करूंगा।

इस घटना की सूचना के बाद निखिल के परिजन, पुलिस मौके पर पहुंचते हैं। गोताखोर की टीम भी पहुंचती है, मंगलवार की देर शाम तक उसे ढूंढने का प्रयास किया जाता है। अंधेरा अधिक होने की वजह से रेस्क्यू रोक दिया जाता है। अगले दिन बुधवार को सुबह फिर से रेस्क्यू टीम नदी में उतरती है, परंतु उसका कहीं पता नहीं चलता है। इस बीच बिलासपुर से एसडीआरएफ़ की टीम को बुलाया जाता है, वह भी अपने स्तर पर प्रयास करती है, परंतु निखिल का कही पता नहीं चलता है। एक बार फिर शाम हो जाता है और रेस्क्यू कार्य रोक दिया जाता है। परिजन और साथियों के कहने पर गोताखोरों को पानी के अंदर जा कर ढूंढने की बात कही जाती है,परंतु गोताखोरों के पास ऑक्सीजन सिलेण्डर नहीं होने की वजह से इसकी व्यवस्था की जाती है। इस दौरान उनके पास रखा नोजल का मिलान नहीं हो पाता। यह सब करते आधी रात बीत जाती है,इसी दौरान रात लगभग एक बजे निखिल का शव स्वतः ही पानी के ऊपर आ जाता है,जिसे मौके पर मौजूद उसके परिजन और दोस्त देख लेते हैं। शव को पानी से बाहर निकाला जाता है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आज गुरुवार को पोस्टमार्टम बाद परिजनों को सौंप दिया।

इस दु:खद घटना ने एक बार फिर लोगों की स्वयं की बड़ी लापरवाही को सामने लाया है। आप तैरना जानते हैं या नहीं जानते, इसके बावजूद नदी की गहराई, उसके बहाव का अंदाजा लगाए बिना नदी में उतर जाते हैं। जिससे इस तरह के हादसे हो जाते हैं। अहिरन नदी में साल दर साल लोगों की जान डूबने से जा रही है, ऐसे नदी से लगे क्षेत्रों में यह जागरूकता दर्शाना जरूरी है कि नदी गहरी है, नदी से दूर रहें,सुरक्षित रहें।

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