वर्षों से सुधर चुके पूर्व बदमाशों को सजा माफी पर होगा विचार :ASP
दोबारा अपराध करने पर कठोर वैधानिक कार्यवाही की हिदायत
कोरबा(आधार स्तम्भ) : जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत लगातार सख्त एवं संगठित कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा में जिले भर के 90 से अधिक निगरानी बदमाश एवं गुंडा बदमाशों की विशेष परेड आयोजित
इस दौरान सभी बदमाशों की उपस्थिति दर्ज कराई गई तथा उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली गई।
परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले द्वारा सभी निगरानी एवं गुंडा बदमाशों को कड़ी हिदायत देते हुए अपराध से दूर रहने, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने की समझाइश दी गई।
उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी बदमाशों को अपनी गतिविधियों में सुधार लाकर वैधानिक जीवन अपनाने की नसीहत दी गई।
एएसपी लखन पटले ने कहा है कि कोरबा पुलिस द्वारा प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर एवं निगरानी बदमाश की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस कर्मियों को उनकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्राप्त कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।कोरबा पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपराध की दुनिया छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस जोड़ना भी है, ताकि जिले में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण कायम रखा जा सके।
इस प्रकार की सतत निगरानी एवं योजनाबद्ध कार्यवाही से जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। एएसपी ने यह भी कहा कि 10 से 12 वर्षों के अंतराल में जो अपराधी किसी भी तरह के अपराध में संलिप्त ना रहा हो, वह अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहा हो,तो ऐसे लोगों की सजा माफी पर विचार किया जाएगा।
कोरबा पुलिस की अपील :
आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, असामाजिक गतिविधि अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित सूचना तत्काल नजदीकी थाना, चौकी अथवा डायल-112 में दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।



