कोरबा(आधार स्तंभ) : नगर पालिक निगम के कुछ कर्मचारियों के द्वारा निगम की साख को बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। एक समय ऐसा भी था जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का कोरबा जिला प्रवास था और उस समय पशु ट्राली में भरकर मंत्रियों और नेताओं के कट आउट ढोकर ले जाने का मामला सुर्खियों में आया। इस मामले में निगम के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। जवाब तलब किए गए लेकिन एक बार फिर ऐसी गलती दुबारा उजागर हुई।
इन दोनों मामलों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल तो उठाया ही था लेकिन एक ऐसा नजर आज सुबह पेश आया जब यह सोचने पर लोग मजबूर हुए कि आखिर क्या कचरे के ढेर में इंसानियत मर गई है?दरअसल, मामला साफ सफाई में लगे पुरुष और महिला कर्मचारियों तथा इकट्ठा किए गए कचरो को ढोकर निर्धारित स्थान पर डंप करने के कार्य में लगे ट्रैक्टर चालक से जुड़ा है।
स्वच्छता विभाग के अधिकारियों, सुपरवाइजर और ठेकेदार की कितनी निगरानी होती है यह तो बाद की बात है लेकिन ऐसे मामलों में उनकी जवाबदेही तय होना भी चाहिए। जो तस्वीर सामने आई है वह चौंकाने वाली है। ट्रैक्टर की ट्राली में महिला सुरक्षा कर्मियों को बिठाकर ट्रैक्टर चालक के द्वारा ले जाया जा रहा है। ट्रैक्टर के इंजन पर महिलाएं बैठी हैं, वहां तक सब ठीक लेकिन कचरे के ढेर में सफाई दीदियों को लेकर जाना, यह अपने आप में आश्चर्यजनक है। सफाई कर्मचारी हर तरह का कचरा साफ करते हैं, इसे उन्होंने अपने पेशे में स्वीकार किया लेकिन उन्हें कचरो के ढेर में बैठकर आवागमन करना यह समझ से परे है।




