पाली(आधार स्तंभ) : शासकीय प्राथमिक शाला रमतला,संकुल करतली में पदस्थ प्रधान पाठक श्री कृष्ण कुमार बैसवाड़े के सेवानिवृत्ति अवसर पर 31 जुलाई 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय,पाली में गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कुम्देश गोभिल ने श्री बैसवाड़े को शाल,श्रीफल, पेन,डायरी तथा विभाग की ओर से पी.पी.ओ.पत्र सहित सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय शिक्षकीय योगदान को नमन किया।
समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने श्री बैसवाड़े के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।इस अवसर पर श्री सुशील
तिवारी प्रधान पाठक ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा—
“राष्ट्र जिन पर गर्व करता है सितंबर पाँच को,है नमन उन शिक्षकों के ज्ञान-गौरव साँच को।राष्ट्र का निर्माण जिनकी आत्मा का मंत्र है,जिनके तप और त्याग पर इठला रहा गणतंत्र है।”
वहीं सीएसी श्री डी0के0नवरंग ने उन्हें एक अद्वितीय एवं अनुकरणीय व्यक्तित्व बताते हुए उनके सरल स्वभाव,कर्मनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की सराहना की। विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कुम्देश गोभिल ने भी उनके उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक शिक्षा जगत की अमूल्य धरोहर हैं,जिनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
श्री बैसवाड़े ने अपने शिक्षकीय जीवन का शुभारंभ 30 सितंबर 1989 को पूर्व माध्यमिक शाला करतली से किया। इसके पश्चात 30अप्रैल 2010 को प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति प्राप्त हुई तथा संशोधित आदेशानुसार 31जुलाई 2010 को प्राशा रमतला में कार्यभार ग्रहण किया।उन्होंने लगभग 37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा का अधिकांश समय एक ही ग्राम पंचायत में रहकर शिक्षा की अलख जगाने में समर्पित किया।
वे केवल एक कुशल शिक्षक ही नहीं,बल्कि प्रकृति प्रेमी भी रहे हैं।उन्होंने विद्यालय परिसर में फलदार,फूलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण कराया तथा मध्यान्ह भोजन योजना के लिए विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती कर बच्चों को पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।विद्यालय में अनुशासन,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं संस्कारों का ऐसा वातावरण निर्मित किया कि उनके अनेक छात्र आज विभिन्न शासकीय सेवाओं में कार्यरत हैं।उनके कार्यकाल में एकलव्य विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में 10 विद्यार्थियों का चयन भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है।





