कोरबा(आधार स्तंभ) : नशेड़ियों का बढ़ता आतंक अब केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं रह गया है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को कोरबा कोतवाली में देखने को मिला, जहां एक युवक शराब के नशे में धुत होकर सीधे थाना परिसर में घुस गया और जमकर उत्पात मचाया। उसने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी, शासकीय कार्य में बाधा डाली, थाने के महत्वपूर्ण दस्तावेजों से छेड़छाड़ की और तोड़फोड़ करते हुए रोजनामचा तक फाड़ने की कोशिश कर डाली। काफी देर तक पूरा थाना स्टाफ उसके आक्रामक व्यवहार से जूझता रहा। आखिरकार उसे काबू कर गिरफ्तार किया गया।
दर्ज एफआईआर के मुताबिक 29 जून को दोपहर करीब 3 बजे थाना कोतवाली में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कुंवर साय ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति अत्यधिक शराब के नशे में थाना पहुंचा और बिना किसी कारण के हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मां-बहन की अश्लील गालियां दीं तथा जान से मारने की धमकी देते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।
👉🏻 महिला स्टाफ होता रहा शर्मशार
आरोपी ने थाना के दस्तावेज उठाकर इधर-उधर फेंक दिए। ड्यूटी पर मौजूद महिला आरक्षक सुनीता कश्यप और मोहर्रिर सुनीता डहरिया के साथ भी अभद्रता करते हुए अश्लील गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, थाना के महत्वपूर्ण अभिलेख रोजनामचा को फाड़कर फेंकने का प्रयास किया तथा टेबल में लगे कांच को तोड़कर नुकसान पहुंचाया।
👉🏻 सिर और चेहरा दीवार पर पटकने लगा
एफआईआर के अनुसार आरोपी का उत्पात यहीं नहीं रुका। वह स्वयं अपना सिर और चेहरा दीवार पर पटकने लगा। मददगार आरक्षक परमेश्वर सिंह, आरक्षक प्रदीप टेकाम और रविंद्र भारद्वाज ने उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनके साथ भी गाली-गलौज और जान से मारने कीधमकी दी। इमलीडुग्गू निवासी सोनू विश्वकर्मा ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी लगातार आक्रामक बना रहा। इस दौरान थाना आने वाले फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाद में पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजेश चौहान, पिता हरीशंकर चौहान, निवासी सीतामणी बताया। घटना की सूचना थाना प्रभारी एमबी पटेल को दी गई, जो तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके समझाने के बावजूद आरोपी का व्यवहार नहीं बदला। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
👉🏻 एफआईआर दर्ज, जेल भेजा गया
सहायक उपनिरीक्षक कुंवर साय की रिपोर्ट पर आरोपी राजेश चौहान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 221, 296, 324(4), 351(3) एवं 355 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
बढ़ता नशा और नशेड़ी चिंता का विषय
इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस थाना परिसर को सुरक्षा और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, वहीं यदि कोई शराब के नशे में घुसकर पुलिसकर्मियों को धमकाए, सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ करे और तोड़फोड़ मचाए, तो यह नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उससे उपजे दुस्साहस का चिंताजनक संकेत माना जा रहा है।



