निकाल लिया गया मछली।डॉक्टर के तत्परता से बच गई बच्चे की जान।

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बिलासपुर(आधार स्तंभ) :- तालाब में नहाने के दौरान एक मछली बच्चे के गले में फंस गई थी, जिसे ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया।फिलहाल बच्चे की हालत अभी स्थिर है। बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

  • बता दें कि गले मे फंसी मछली की वजह से बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसकी हालत बिगड़ने लगी थी।
  • इसके बाद आनन फानन में परिजनों ने उसे उपचार के लिए सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में एडमिट किया, लेकिन बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
  • यहां ऑपरेशन के बाद बाद बच्चे के गले में फंसे मछली को बाहर निकाल लिया गया।
  • दरअसल पूरा मामला जांजगीर जिले के अकलतरा क्षेत्र के करूमहु गांव का है। यहां रहने वाला 12 वर्षीय समीर सिंह शुक्रवार को रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था।
  • इस दौरान तलाब में तैरते वक्त उसके मुंह में 7 से 8 सेंटीमीटर मछली गले में जा फांसी। इससे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी।

  • उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उसे उपचार के लिए अकलतरा CHC ले गए, लेकिन वहां के डॉक्टर गले में फंसे मछली को निकालने में नाकाम रहे।बिलासपुर :- तालाब में नहाने के दौरान एक मछली बच्चे के गले में फंस गई थी, जिसे ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया।फिलहाल बच्चे की हालत अभी स्थिर है। बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। बता दें कि गले मे फंसी मछली की वजह से बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसकी हालत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद आनन फानन में परिजनों ने उसे उपचार के लिए सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में एडमिट किया, लेकिन बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। यहां ऑपरेशन के बाद बाद बच्चे के गले में फंसे मछली को बाहर निकाल लिया गया।

    दरअसल पूरा मामला जांजगीर जिले के अकलतरा क्षेत्र के करूमहु गांव का है। यहां रहने वाला 12 वर्षीय समीर सिंह शुक्रवार को रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था। इस दौरान तलाब में तैरते वक्त उसके मुंह में 7 से 8 सेंटीमीटर मछली गले में जा फांसी। इससे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उसे उपचार के लिए अकलतरा CHC ले गए, लेकिन वहां के डॉक्टर गले में फंसे मछली को निकालने में नाकाम रहे।लिहाजा डॉक्टरों ने बिलासपुर रेफर किया, जहां एक निजी अस्पताल में बच्चों के गले में फंसे मछली को ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया। फिलहाल बच्चों की हालत अभी स्थिर है।

  • लिहाजा डॉक्टरों ने बिलासपुर रेफर किया, जहां एक निजी अस्पताल में बच्चों के गले में फंसे मछली को ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया। फिलहाल बच्चों की हालत अभी स्थिर है।

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