सांसद की पहल : 10 साल बाद प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा

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  • कल एसडीएम ने बुलाया है प्रभावित ग्रामीणों को

  • मसुरिहा जलाशय से प्रभावित ग्रामीणों का मामला

  • सांसद के निर्देश पर सहकारी समिति और विधायक का प्रयास

    कोरबा (आधार स्तम्भ)। कोरबा जिले के पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र एवं पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत मुरली, तहसील हरदीबाजार अंतर्गत आने वाले मसुरिहा जलाशय से प्रभावित आदिवासियों की जमीनों का मुआवजा प्रकरण अब निराकृत होने की ओर अग्रसर है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत के निर्देश उपरांत क्षेत्रीय विधायक मोहितराम केरकेट्टा की पहल और जैविक सहकारी किसान समिति के प्रयासों से यह हो रहा है।
    कटघोरा राजस्व अनुविभाग (सिंचाई) के अंतर्गत निर्मित मसुरिहा जलाशय के निर्माण के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा आदिवासियों की जमीन के नीचे जलाशय बनाने का कार्य कर दिया गया है। किसानों का मुआवजा प्रकरण आज तक निराकृत नहीं हुआ है और किसान पिछले 10 वर्षों से अपनी भूमि में कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा जलाशय का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। जैविक किसान सहकारी समिति मर्यादित के मुख्य समन्वयक विनोद शुक्ला ने इस संबंध में  विगत दिनों क्षेत्रीय प्रवास के दौरान पाली-तानाखार विधानसभा पहुंची सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत एवं पाली-तानाखार विधायक मोहितराम केरकेट्टा के समक्ष अपनी बात रखी। बताया कि जिला प्रशासन से पीडि़त किसान कई बार निवेदन कर चुके हैं किंतु किसानों का मुआवजा नहीं मिल सका है और सिंचाई विभाग जलाशय के अधूरे कार्यों को पूर्ण नहीं कर रहा है।
    सांसद ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही हेतु विधायक मोहितराम केरकेट्टा को निराकरण कराने निर्देशित किया। विधायक ने इस संबंध में एसडीएम पाली से चर्चा की। इसके पश्चात कार्य में तेजी आई है और अर्जित निजी भूमि रकबा 4.22 हे. के 32 किसान भू-स्वामियों को अर्जित भूमि के मुआजवा वितरण की कार्यवाही हेतु 22 मई 2023 को सुबह 11 बजे से एसडीएम कार्यालय में उपस्थित रहने संबंधी सूचना जारी की गई है। प्रभावितों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने कहा गया है।

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