कोरबा(आधार स्तंभ) : कोरबा जिले में 5 जनवरी 2025 की रात शहरवासियों को दहला कर रख देने वाले घटनाक्रम सर्राफा व्यवसायी सिल्वर सेंटर के संचालक गोपाल राय सोनी की हत्या के आरोपियों को उम्रकैद की सजा से दण्डित किया गया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा ने दोष सिद्घ पाते हुए सजा सुनाई है। प्रकरण में शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक टीकम साव ने मजबूत पैरवी की।
सभी अभियुक्त आकाश पुरी, सूरज पुरी व मोहन मिंज को धारा 309 (4), 333, 103(1) सहपठित धारा 3(5) एवं 61(2) (क), 238 (क) बीएनएस के अपराध में दोषसिद्ध किया गया है। धारा 309 (4) सहपठित धारा 3(5) BNS के अपराध में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड, धारा 333 सहपठित धारा 3(5) BNS के अपराध में 3 वर्ष का सश्रम करावास की सजा, धारा 103 (1) सहपठित धारा 3(5) BNS के अपराध में आजीवन करावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड, धारा 61(2) (क) BNS के अपराध में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदण्ड तथा धारा 238 (क) BNS के अपराध में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थदण्ड की राशि अदायगी के व्यतिक्रम में धारा 309(4) BNS के अपराध में 4 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास तथा शेष धारा 103 (1) सहपठित धारा 3(5), 61(2) (क) एवं 238 (क) BNS में अर्थदण्ड की राशि अदायगी के व्यतिक्रम में 6-6 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
👉🏻 यह हुई थी घटना
गौरतलब है कि कोतवाली थाना अंतर्गत लालूराम कालोनी में घटना दिनाँक को वारदात के वक्त गोपाल राय सोनी और उनकी अस्वस्थ पत्नी ही घर पर थे। रात 9:40 बजे से 9:59 बजे के मध्य 19 मिनट के भीतर सारे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया और उन्हीं की क्रेटा कार क्रमांक जेएच 01 सीसी 4455 को लेकर फरार हो गए। घर से सूटकेस, श्री सोनी का मोबाइल भी ले गए। तत्कालीन आईजी डॉ. संजीव शुक्ला के पर्यवेक्षण व एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीम ने वारदात में शामिल तीन में से दो आरोपियों आकाश गोस्वामी व मोहन मिंज को गिरफ्तार कर लिया। पुराना ड्राइवर सूरज गोस्वामी (आकाश का बड़ा भाई) फरार था जिसे मुंबई से दबोचा गया। तीनों आरोपी कुआँभट्ठा के निवासी हैं।
👉🏻 दीवार फांदकर घुसे थे वारदाती
यह पूरा मामला चुनौतियों से भरा था। CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखे जो शाम 7:36 बजे पैदल दीवार फांदकर अंदर घुसे और फिर निकले नहीं। बाद में 10:59 बजे घर से कार में निकलते दिखे लोगों का हुलिया इनसे मिला। कार की तलाश के दौरान परसाभाठा बालको मार्ग में गाड़ी दिखी जो रिस्दा बस्ती से बरामद हुई। फिर इस रास्ते 360 cctv फुटेज को बारीकी से खंगालकर गाड़ी के रूट का पता लगाया। 10:01 से 10:22 बजे के बीच में उक्त कार के आने का रूट पता चला। इस बीच यह भी पता चला कि गाड़ी की पार्किंग तक खून की बून्द दिखी जिससे आरोपी के घायल होने का पता चला। मैनुवल पड़ताल में मोहन मिंज के चोटिल होने का पता चला। उसे हिरासत में लेने पर खुलासा हुआ।
👉🏻कर्ज चुकाने के लिये दुकान में चोरी की थी योजना
चालक सूरज गोस्वामी पूर्व चालक था और आकाश गोस्वामी वर्तमान चालक था। आकाश कर्ज में था। सूरज को पता था कि गोपाल के सूटकेश में चाबी रहती है। दुकान में चोरी की प्लानिंग थी और दुकान की चाबी सूटकेश में रहती थी। यह चाबी हासिल कर दुकान से जेवरात चुराने की योजना थी। चाबी चोरी करने की प्लानिंग 25 दिसम्बर को तैयार की गई थी। सूरज व आकाश दोनों भाई ने मिलकर योजना बनाई व मोहन मिंज आदतन बदमाश को शामिल किया। घटना दिनांक 5 जनवरी से एक सप्ताह पहले भी ये लोग चाबी हासिल करने घर तक गए थे लेकिन चहल पहल होने के कारण लौट आए। आकाश व सूरज को पता था कि पुत्र नचिकेता वर्क फ्रॉम होम रहता था लेकिन रविवार को शाम को दुकान जाता है।
👉🏻मंदिर में छिपा था सूरज, देख लेने पर मारे गए गोपाल राय
घटना दिनांक 5 जनवरी की रात घर के पास खंडहर नुमा मकान में पहले से तीनों आरोपी छिपे थे। जैसे ही गोपाल राय को चालक आकाश ने घर मे छोड़ा और नचिकेता दुकान गया तो तीनों घर में दीवार फांदकर घुसे। आपस में बातचीत करने के लिए किसी का मोबाइल और किसी के नाम का सिम इस्तेमाल किया गया। जब आरोपी घर में घुसे तब उस समय गोपाल राय पत्नी के कमरे में थे कि आरोपी अलग-अलग छिप गए। एक आरोपी सूरज घर के परिसर में मंदिर में छिप गया था जहां माथा टेकने पहुंचे गोपाल राय ने सूरज को देख लिया। इसके बाद सूरज की पहचान हो जाने से उसने आकाश को बताया व तीनों ने मिलकर धारदार हथियार से गोपाल राय की हत्या कर दी। आदतन बदमाश मोहन ने गोपाल को पीछे से पकड़ा और सूरज ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जान बचाने वे कमरे की ओर भागे। लगातार वार के कारण हथियार से मोहन का हाथ,उंगली जख्मी हो गया। हमला करने बाद इधर सूटकेश में दुकान की चाबी है,इसलिए आरोपी सूटकेश लेकर भाग निकले। सूटकेश व हथियार को रास्ते मे नदी में फेंक दिया। गोपाल राय की पत्नी का मोबाइल बरामद हुआ। सूटकेश व हथियार की बरामदगी गोताखोरों की मदद से की गई। पुलिस ने आरोपी का खून सना जूता भी बरामद किया।



