कनकी(आधार स्तंभ) : वन विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते फिर से दर्जनों प्रवासी पक्षी गाज की चपेट में आने से मृत। वही कनकी मेले में दुकान लगा कर बैठा व्यापारी भी गाज की चपेट में आने से झुलस गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक तरफ कनकी को पर्यटन स्थल घोषित किया गया है और दूसरी तरफ सुरक्षा के नाम पर बिल्कुल अनदेखा किया जा रहा है। कोरबा जिले में तेज गरज के साथ हो रही बारिश के दौरान कनकेश्वर धाम, कनकी में प्रवासी ओपन बिल स्टार्क पक्षियों की गाज की चपेट में आने से मौत हो गई। गाज गिरने से मेले में आया एक व्यापारी भी घायल हो गया है, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करतला ब्लॉक के कनकेश्वर धाम में शिव मंदिर है, जिसके परिसर में स्थित पेड़ों पर हजारों पक्षी हर साल बारिश के ठीक पहले पहुंचते हैं। सावन महीने में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये पक्षी बड़ा आकर्षण का केंद्र होते हैं। प्रायः हर वर्ष गाज गिरने से इनमें से कई पक्षियों की मौत भी हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग की ओर से इन पक्षियों के संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अपने प्रयास से पेड़ों के इर्द-गिर्द जाली लगाई थी, लेकिन अधिकांश टूट चुकी है। तड़ित चालक लगाकर आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान से इनको बचाने का प्रयास पूर्व में किया गया था लेकिन यह भी अब टूट-फूट चुका हैं। वर्तमान में तड़ित चालक लगाया गया है ,परन्तु तड़ित चालक महामाया मंदिर के शिखर पर लगा दिया गया है जिसके चलते प्रवासी पक्षियों के साथ मंदिर परिसर में और खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग प्रवासी पक्षी ओपन बिल स्टार्क के संरक्षण और देख रेख में लापरवाही बरत रहे है जिसका ताजा उदाहरण बीती रात देखने को मिला जिसमे एक व्यवसायी घायल और कुछ प्रवासीय पक्षी मृत हो गए हैं।




