कोरबा(आधार स्तम्भ) : उमस भरी गर्मी के बीच बालको नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता के कारण उपभोक्ताओं को दिन और रात दोनों समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली कब आएगी और कब अचानक बंद हो जाएगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार पिछले कुछ समय से क्षेत्र में बार-बार बिजली ट्रिप होने और लंबे समय तक बिजली गुल रहने की समस्या लगातार बनी हुई है। हालात यह हैं कि हल्की तेज हवा या मौसम में मामूली बदलाव होने पर भी घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उमस भरी गर्मी के कारण बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर रात के समय देखने को मिल रहा है। बिजली बंद होते ही घरों में रहना मुश्किल हो जाता है और लोग राहत पाने के लिए बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा चिड़चिड़ापन बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
नागरिकों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई बार फोन कॉल का जवाब नहीं मिलता। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि विद्युत विभाग अक्सर फाल्ट या तकनीकी खराबी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करता है, जबकि लंबे समय से जारी बिजली संकट का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। गर्मी के इस मौसम में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दैनिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
बालको नगर के उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग से अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है।



