कोरबा(आधार स्तंभ) : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं। इन लोगों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि ये अब शासकीय भूमि को कब्जाकर घर, मकान या दुकान बना दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला करतला ब्लॉक के ग्राम पंचायत सुख़रीखुर्द में शुक्रवार को देखने को मिला, जहाँ गाँव के ही एक व्यक्ति ने गांव के सरकारी स्कूल के बॉण्डरी के अंदर ही मकान बनाना शुरू कर दिया था। वही जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो बरपाली से आये पटवारी और आरआई ने मौके की जाँच की। जबकि गाँववाले उस मकान को तोड़ने का पहले ही आदेश जारी करा चुके थे। लेकिन पटवारी और आरआई ने न तो मकान को तोड़ा और न ही अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कोई करवाई की। बल्कि पटवारी और आरआई ने तीन दिनों का और मोहलत देकर खानापूर्ति कर चले गए। वही इस बारे में जब पटवारी और आरआई से इस मामले में जानकारी लेनी चाही तो मैडम कैमरे से दूर भागते नज़र आये। इतना ही नही, जब उनसे इस मामले पर सवाल पूछा गया तो वो उच्च अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि मैं इस मामले में कुछ नही बोल सकती, इस मामले में कुछ भी कहने से हमे अधिकारियों ने मना किया है।
ज्ञात हो कि ऐसा ही एक मामला बरपाली में भी हुआ है जिसमें एक जनप्रतिनिधि द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाया जा रहा है। जिसकी कुछ दिन पहले ही कोरबा कलेक्टर को शिकायत की गई है। अब देखना यह है कि इन अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासन क्या कदम उठाती है।



