पं.धीरेन्द्र शास्त्री की कथा आयोजन को हाईजैक करने की कोशिश से नाराजगी कायम,भू माफिया के तौर पर प्रचारित बसंत अग्रवाल की मनमानी से नाराजगी बढ़ी

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कोरबा(आधार स्तम्भ) :   कोरबा जिले के बांकीमोगरा थाना क्षेत्र के ग्राम ढपढप में आयोजित हो रही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्री हनुमंत कथा की बयार जहां पूरे क्षेत्र में बह रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनके खास लोगों में शामिल छत्तीसगढ़ में कथा कराने की फ्रेंचाइजी लेने वाले राजधानी रायपुर व आसपास के इलाकों में भू माफिया के तौर पर प्रचारित बसंत अग्रवाल की मनमानी से नाराजगी बढ़ी है। शास्त्री जी के करीबी होने का फायदा उठाते हुए आयोजकों के साथ की जा रही नाइंसाफी और उन्हें तरह-तरह से हतोत्साहित करने की कोशिशों से नाराजगी बढ़ गई है। रविवार की रात जहां अग्रसेन भवन में बसंत अग्रवाल और कार्यक्रम के संयोजक अमरजीत सिंह के मध्य कहा-सुनी और धक्का मुक्की की घटना हुई वहीं सोमवार की रात भी कुछ ऐसे ही घटना की खबर है। (उक्त फोटो रविवार रात के घटनाक्रम की है)।
बताया जा रहा है कि इस बार बसंत अग्रवाल ने अग्रसेन भवन के द्वार पर तैनात आयोजक टीम के प्रमुख कार्यकर्ता के साथ अभद्रता की। इसके बाद तो बसंत अग्रवाल को हाथों-हाथ ले लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उक्त कार्यकर्ता अपने प्रमुख के निर्देश के अनुसार मुख्य द्वार पर तैनात था जिसे देखकर बसंत अग्रवाल ने सवाल-जवाब करना शुरू कर दिया कि तुम यहां क्यों खड़े हो, तुमको यहां खड़े होने के लिए किसने बोला है, तुम यहां से हट जाओ, तुम वहां चले जाओ, तुम यहां चले जाओ, तुम यह करो, तुम वह करो कह कर अपनी धौंस दिखाने लगा। कार्यकर्ता भी निडर था, उसने उलट कर जवाब दिया और वहां से डिगा नहीं। इस मसले को लेकर काफी देर तक बहस होती रही। बताते हैं कि बसंत अग्रवाल पिटते-पिटते बच गया। हालांकि, कार्यकर्ता ने घटनाक्रम के बाद सीधे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पास जाकर इस पूरे घटनाक्रम को बयां किया लेकिन वहां से उसे कोई राहत नहीं मिली और ना कोई जवाब।शास्त्री जी ने आंधी-तूफान की वजह से कल सोमवार की कथा करीब डेढ़ घंटे पहले ही समापन कर दी। इसके बाद देर रात अग्रसेन भवन में दरबार लगाकर लोगों की शंकाओं और समस्याओं का समाधान किया। आज दोपहर 1 बजे से कथा स्थल पर दिव्य दरबार लगेगा।

कोरबा में लगातार अनर्गल कोशिशों को मिल रहा जवाब

बताते चलें कि बसंत अग्रवाल के द्वारा अपना घर सेवा आश्रम,कोरबा के इस आयोजन और प्रचार-प्रसार को एक तरह से हाईजैक करने की कोशिश कथा प्रारंभ होने के 2 दिन पहले से शुरू कर दी गई। बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तर्ज पर कथा के मुख्य आयोजकों को पीछे धकेल कर खुद सबके सामने दिखने और बाबा से मिलने के इच्छुक लोगों को रुकवा कर अपने-अपने लोगों को मिलवाने और इसके एवज में अच्छा-खासा राशि लेने जैसे कृत्य को उसके द्वारा अंजाम दिए जाने का आरोप लगातार लग रहा है। बसंत अग्रवाल के रवैया से आयोजकों के समर्थकों में काफी नाराजगी व्याप्त होने लगी जो समय-समय पर गुस्से के रूप में फूट पड़ती है। बसंत अग्रवाल के द्वारा अपनी हरकतों से गुस्से की आग में घी डालने का काम किया जा रहा है। हालांकि, उसके अनर्गल प्रयासों को कोरबा में बार-बार करारा जवाब भी मिल रहा है।

सामंजस्य नहीं, वैमनस्यता फैल रही

कोरबा जिले में पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की बहुप्रतीक्षित हनुमंत कथा आयोजन के माध्यम से जहां अपना घर सेवा आश्रम के द्वारा एक स्नेहपूर्ण माहौल निर्मित करने की कोशिश अच्छी मंशा के साथ की गई तो वहीं बसंत अग्रवाल की हरकतों के कारण सामन्जस्यता के स्थान पर वैमनस्यता फैल गई है। लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा होने लगी है कि क्या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लोगों ने उसे इतनी छूट दे रखी है कि वह अपनी मनमानी चलाते हुए कहीं ना कहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपने अवसरवादिता को भुनाने के साथ-साथ छवि बिगाड़ने का भी काम कर रहा है। प्रदेश में कहीं ऐसा हुआ हो या ना हुआ हो लेकिन कोरबा तो इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

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