नैला-बलौदा मार्ग बन चुका है मौत का जाल …दम तोड़ रहा हैं सड़क योजनाएं, ज़िंदगी दांव पर, जिम्मेदार नेता-अफसर खामोश

Must Read

जांजगीर-चाम्पा (आधार स्तंभ)  :  आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं जांजगीर-चांपा का वो रास्ता… जहाँ सफर ज़िंदगी से ज़्यादा मौत के करीब ले जाता है। जी हाँ… हम बात कर रहे हैं नैला-बलौदा मार्ग की, जो कभी विकास की कड़ी हुआ करता था। लेकिन आज मौत का जाल बन चुका है। कोयला ढोने वाले ट्रकों के कहर से सड़क चिथड़े-चिथड़े हो गई है… बरसात में गड्ढे तालाब बन जाते हैं और धूप में उड़ती धूल हवा को ज़हर बना देती है।

हालत ये है कि स्कूल बसों में बैठे मासूम बच्चे, एम्बुलेंस में मरीज और रोज़ाना सफर करने वाले आम लोग, सब अपनी जान हथेली पर रखकर इस सड़क से गुजरने को मजबूर हैं।

बड़ा सवाल : 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नेताओं और अफसरों की आँखें कब खुलेंगी?

क्या वे किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहे हैं?

क्या लाशों की गिनती होने के बाद ही सरकार हरकत में आएगी?

या मुवावजा दे कर अपना पल्ला युही झाड़ते जायेंगे ?

Latest News

SECL मुख्यालय में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

बिलासपुर (आधार स्तम्भ) :  साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में आज भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर...

More Articles Like This

- Advertisement -