गोधन न्याय योजना से किसान, पशुपालक एवं समूह की महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सुदृढ़

Must Read
  • गौठान में गोबर बेचकर प्राप्त कर रहे अतिरिक्त आय

  • पहन्दा के जितेंद्र को गोधन से हुआ 1.50 लाख से अधिक का लाभ

कोरबा (आधार स्तम्भ) । छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी गोधन न्याय योजना पशुपालकों एवं किसानों के लिए आर्थिक रूप से काफी लाभदायक साबित हो रही है। जिससे आमजनों में पशुपालन को लेकर रुचि बढ़ रही है, साथ ही किसान गोबर बेचकर आर्थिक रूप से मजबूत भी हो रहे है। गोधन न्याय योजना से राज्य के गौपालकों, किसानों, गौठान समितियों और महिला समूह लाभान्वित हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार किसानों एवं ग्रामीणों से गोबर खरीद रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पहन्दा के रहने वाले जितेंद्र नेटी के जीवन में भी गोधन न्याय योजना से काफी बदलाव आया है। योजना प्रारम्भ होने से अब तक उन्होंने  गौठान में  79 हजार 868 क्विन्टल गोबर विक्रय किए है। जिससे उन्हें 1 लाख 59 हजार 736 रुपए का लाभ हुआ है। गोबर विक्रय से प्राप्त होने वाले अतिरिक्त आय से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। जितेंद्र बताते है की उनका परिवार पिछले 9 वर्ष से इस व्यवसाय से जुड़े है। इस हेतु उन्हें अब दूध के साथ ही गोबर के विक्रय से दोहरा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पहले उनके पास केवल 3 गायें थी, जिससे उनकी दुग्ध उत्पादन भी उतना अधिक नहीं होता था साथ ही प्राप्त आय मवेशियों के चारे-पानी की व्यवस्था में ही खर्च हो जाता था। लेकिन जब से सरकार ने गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीदना शुरू किया है उनकी जिंदगी में खुशियों की बहार आ गई है। अब उनके पास 10 से अधिक अच्छी नस्ल की गायें है, जिनमें साहीवाल, गिर, अंगोल, जैसे उत्तम नस्ल की गाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग  अपने व्यवसाय के और अधिक विस्तार करने में किया है जिसमें नए गाय खरीदना एवं उनका समय समय पर इलाज जैसे अन्य कार्य शामिल है। साथ ही घर के लिए आवश्यक चीजों की पूर्ति करने में भी गोधन न्याय योजना से मदद मिली है। हितग्राही जितेंद्र ने जनहितकारी योजना संचालन करने हेतु प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
Latest News

सलिहाभांठा में श्मशान घाट बना गौठान! गायों का डेरा, कचरे का ढेर, पंचायत बेखबर, जनप्रतिनिधि दूसरे ग्राम की सफाई में व्यस्त

अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण परेशान, श्मशान घाट की बदहाली ने पंचायत की व्यवस्था पर खड़े किए सवाल, स्वच्छता...

More Articles Like This

- Advertisement -