कोरबा। जिले के सर्वमंगला मंदिर क्षेत्र में रेलवे ब्रिज और सड़क निर्माण के दौरान प्राचीन रानी गुफा, हनुमान मंदिर और निर्माणाधीन शिव मंदिर के ध्वस्त होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। श्रम सेवा भूविस्थापित कामगार संगठन के बैनर तले ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और रेलवे प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
धार्मिक स्थलों को मिट्टी से ढकने का आरोप
ग्रामवासियों का कहना है कि रेलवे और सड़क निर्माण के दौरान प्राचीन धार्मिक स्थलों को मिट्टी डंप कर ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। इसके अलावा, परिवर्तन मार्ग पर डामरीकरण न होने से उड़ती धूल और गंदगी के कारण सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से लगातार शिकायतों और निवेदनों के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
आंदोलन का ऐलान
संगठन ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 6 जनवरी 2025 को जिला रेलवे प्रबंधक का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद 7 जनवरी को सर्वमंगला मंदिर से कनबेरी नहर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को बाधित किया जाएगा। 10 जनवरी को सर्वमंगला चौक पर एक दिवसीय भूख हड़ताल कर प्रशासन के झूठे आश्वासनों का विरोध किया जाएगा।
“SAVE रानी गुफा, SAVE हनुमान मंदिर” का नारा
संगठन ने “SAVE प्राचीन रानी गुफा, SAVE हनुमान मंदिर” का नारा देते हुए आंदोलन की रणनीति तैयार की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा।



