कोरबा (आधार स्तम्भ) : गर्मी का मौसम अब शुरू होने वाला है, मौसम विभाग की मानें तो इस साल अच्छी गर्मी पड़ेगी। गर्मी से राहत दिलाने के लिए सार्वजनिक व निजी उपक्रमों के साथ ही समाज सेवी संगठनों द्वारा पीने के पानी की व्यवस्था की जाती है। इस अहम जरूरत से मानो रेल प्रबंधन अनजान बन चुका है। कोरबा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर पीने के पानी की व्यवस्था ठप पड़ी हुई है, जो अभी तक उसी हाल में है। इससे साफ है कि इस गर्मी भी इस प्लेटफार्म से सफर शुरू करने या समाप्त करने वाले यात्रियों को मिलने वाली नि:शुल्क पीने का पानी नहीं मिल पाएगा। कहने के लिए यात्रियों की सुविधा के लिए उक्त प्लेटफार्म पर 7 स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था दी गई। हर प्याऊ में दोनों तरफ 2-2 नल लगे हैं, लेकिन एक भी नल ऐसी नहीं है जिससे पानी निकल रहा हो। आगामी दिनों में गर्मी की भयावहता को देखते हुए व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यात्रियों के साथ ही रेल कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ेगा। जिस तरह से वहां काम फैला हुआ है उससे यह उम्मीद कम ही है कि समस्या हल हो जाएगी।
ट्रेन में सफर करने वाले शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में यात्री होते हैं। जो ट्रेन में यात्रा शुरू करने के लिए समय से काफी पहले घर से निकल जाते हैं और स्टेशन पहुंचकर ट्रेन का इंतजार करते हैं। ऐसे लोगों के साथ बच्चे भी होते हैं। ऐसे में प्यास लगने पर उनके सामने कठिन समस्या खड़ी हो जाती है। क्योंकि पीने के पानी के लिए बच्चों को छोड़कर उन्हें प्लेटफार्म नंबर 1 पर जाना पड़ता है। सक्षम यात्रियों खरीद कर भी पीने का पानी नहीं ले पाते हैं, क्योंकि उक्त प्लेटफार्म पर एक ही रेलवे द्वारा अनुबंधित वेंडर के स्टाल नहीं हैं। इसके लिए भी उन्हें पहले प्लेटफार्म पर ही जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
खुदाई में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट कोरबा रेलवे स्टेशन में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उन्नयन का काम गतिशक्ति विभाग द्वारा कराया जा रहा है। योजना के तहत प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर भी काम चल रहा है। प्लेटफार्म पर टाइल्स बदलने का काम, एफओबी निर्माण का काम होता अभी दिख रहा है। इसके अलावा शेड विस्तार, बिजली व पानी की पाइप लाइन का काम कराया जाना है, जिसकी शुरुआत अभी नहीं सकी है। जबकि ये काम पिछले ढाई साल से चल रहे हैं। फ्लेटफार्म पर जगह जगह की गई खुदाई के चलते पाने की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
आधा दर्जन एक्सप्रेस व पैसेंजर का है ठहराव प्लेटफार्म नंबर 2-3 से कोई ट्रेन नहीं आती जाती है। द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस वैनगंगा एवं कोचुवेली एक्सप्रेस, कोरबा से अमृतसर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, कोरबा से नागपुर जाने वाले शिवनाथ एक्सप्रेस, रायपुर जाने वाले गेवरारोड-रायपुर मेमू, कोरबा-रायपुर पैसेंजर, गेवरारोड-बिलासपुर मेमू सहित वापसी में आने वाली ये गाड़ियां भी इसी प्लेटफार्म पर आती हैं। इसके बाद भी इस प्टेफार्म पर यात्री सुविधाओं की अनदेखी, खासकर गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की पुख्ता व्यवस्था नहीं कर पाना समझ से परे है। स्थानीय रेलवे के अधिकारी भी उक्त समस्या के समाधान को लेकर कुछ नहीं कहना चाहते हैं।



