महादेव सट्टा कांड की परछाई, पुलिस ने की त्वरित कार्यवाही

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रायपुर (आधार स्तम्भ) : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा कांड की परछाईं एक बार फिर सामने आती दिख रही है। पुलिस मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव जिले में कथित तौर पर उभर रहे एक नए संगठित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क को शुरुआती चरण में ही रोक दिया है। इस कार्रवाई के केंद्र में कांकेर जिले में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विजय कुमार पांडे रहे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

करीब 6000 करोड़ रुपये के महादेव सट्टा कांड से जुड़े इस नाम का पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर होना, ताज़ा घटनाक्रम को और गंभीर बनाता है। पुलिस महकमे में इसे पुराने नेटवर्क के दोबारा सक्रिय होने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

शीर्ष पुलिस नेतृत्व तक पहुँचा मामला

सूत्रों के अनुसार, कांकेर और राजनांदगांव से मिले ठोस इनपुट के बाद मामला सीधे पुलिस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचा। इन सूचनाओं में यह संकेत मिला कि हेड कॉन्स्टेबल विजय पांडे हाल के दिनों में कुछ ऐसे अधिकारियों के संपर्क में थे, जिनका हाल ही में रायपुर से राजनांदगांव तबादला हुआ है।

इनपुट में यह भी आरोप था कि पांडे कथित तौर पर सट्टा संचालकों और पुलिस तंत्र के बीच लायज़ॉन की भूमिका निभा रहे थे और बदले में ‘प्रोटेक्शन मनी’ के ज़रिए कार्रवाई से राहत दिलाने की कोशिश हो रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं तथ्यों के आधार पर कांकेर एसपी द्वारा तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।निलंबन के बाद अचानक संपर्क से बाहर

निलंबन आदेश जारी होने के तुरंत बाद हेड कॉन्स्टेबल विजय पांडे का अचानक संपर्क से बाहर हो जाना पुलिस मुख्यालय के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कांकेर और राजनांदगांव पुलिस को विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।

कांकेर पुलिस से पांडे की वर्तमान स्थिति और मूवमेंट को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी गई है, वहीं राजनांदगांव में ज़मीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत या पुष्ट साक्ष्य सामने आते हैं, तो आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।

महादेव कांड से पुराना जुड़ाव

इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है विजय कुमार पांडे का महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप कांड से पुराना कथित संबंध। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण एजेंसियों की पूर्व जांच के दौरान पांडे का नाम 2021 की एक विवादित दुबई यात्रा में सामने आया था।

आरोप है कि यह यात्रा बिना पूर्व अनुमति की गई थी और बाद में इसके लिए एक्स पोस्ट फैक्टो मंजूरी ली गई। इसी यात्रा के दौरान महादेव ऐप के प्रमोटर्स से मुलाक़ात की बात जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज है।

ईडी के बयान में अहम कड़ी

ईडी द्वारा दर्ज सेक्शन 50 के बयान में, चंद्रभूषण वर्मा ने विजय कुमार पांडे को उस समूह का हिस्सा बताया था जो 2021 में दुबई गया था। यह बयान ईडी की प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट में दस्तावेज़ के रूप में शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, बयान में यह भी उल्लेख है कि सट्टा नेटवर्क से जुड़ी रकम हवाला चैनलों के ज़रिए एकत्र कर कथित तौर पर उच्च अधिकारियों तक पहुँचाई जाती थी।

केंद्रीय एजेंसियां भी सतर्क

ताज़ा घटनाक्रम की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियों तक भी पहुँच चुकी है। सूत्रों का कहना है कि राज्य पुलिस के साथ समन्वय में आगे की पूछताछ और संभावित कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

पुलिस महकमे में इसे महादेव सट्टा कांड की अधूरी कड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

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