जय अम्बे रोडलाइंस के कोयला खनन कार्यों में लगे कर्मचारियों द्वारा बोनस की मांग को लेकर हड़ताल का दौर हुआ ख़त्म , इस आन्छदोलन को सफल बनाने में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का महत्वपूर्ण योगदान रहा

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कोरबा-दीपका(आधार स्तंभ) :   छत्तीसगढ़ साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) दीपका के अधीन संचालित प्राइवेट कंपनी जय अम्बे रोडलाइंस, के कोयला खनन कार्यों में लगे कर्मचारियों द्वारा बोनस की मांग को लेकर हाल ही में हड़ताल का दौर चला। इस आंदोलन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके नेतृत्व में श्रमिकों ने अपनी एकजुटता दिखाई। बोनस वितरण के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई, जिससे क्षेत्र में सामान्यता बहाल हो गई।

सूत्रों के अनुसार, जय अम्बे रोडलाइंस के ड्राइवरों और अन्य कर्मचारियों ने कम वेतन, बोनस में देरी की शिकायतों के कारण एक सप्ताह तक काम बंद रखा था। उमागोपाल के नेतृत्व में संगठन ने एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें 28 अगस्त 2025 को दीपका खदान में कार्य बाधित करने और एसईसीएल कार्यालय घेराव की चेतावनी दी गई थी। ज्ञापन की प्रतिलिपि सीएमडी एसईसीएल बिलासपुर, जिला कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा, थाना प्रभारी दीपका, श्रम आयुक्त रायपुर तथा कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता को भी भेजी गई।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जो गैर-राजनीतिक संगठन के रूप में श्रमिक हितों की रक्षा करती है, ने इस आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उमागोपाल ने बताया, “हमारा संघर्ष श्रमिकों के पूर्ण अधिकारों के लिए था। बोनस वितरण के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए कंपनी प्रबंधन से संवाद जारी रहेगा।” कंपनी ने महंगाई भत्ता सहित बोनस का भुगतान कर दिया, जिससे कर्मचारियों में राहत की सांस आई।

यह घटना कोयला खनन क्षेत्र में श्रमिकों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। संगठन ने अन्य प्राइवेट कंपनियों में भी इसी तरह के मुद्दों पर नजर रखने का संकल्प लिया है।

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