अंबिकापुर(आधार स्तंभ) : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरजा में मंगलवार की दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हुआ। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले 2 छात्र छुट्टी में घर आए थे। दोपहर में दोनों एक अन्य दोस्त के साथ गांव के ईंट-भट्ठे के गड्ढे में भरे पानी में नहाने उतर गए। इस दौरान दोनों गहरे पानी में डूब गए। यह देख तीसरा छात्र वहां से भाग निकला। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो सरपंच को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों का शव निकाला और पुलिस को सूचना दी। हादसे से छात्रों के परिजन को रो-रोकर बुरा हाल है।
लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोरजा निवासी रविशंकर सिंह पिता लोचन सिंह 10 वर्ष व अनुराग सिंह पिता संतोष सिंह 10 वर्ष हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। तीज व गणेश चतुर्थी पर दो दिन की छुट्टी की वजह से दोनों घर आए थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार की दोपहर दोनों गांव के ईंट-भट्ठे के पास पहुंचे।उनके साथ एक अन्य छात्र भी था। यहां तालाबनुमा गड्ढों में बेहिसाब पानी भरा हुआ है। इसी बीच तीनों कपड़े उताकर गड्ढे में भरे पानी में नहाने लगे। गहराई में चले जाने से रविशंकर सिंह व अनुराग सिंह पानी में डूब गए। यह देख तीसरा छात्र वहां से भागकर गांव चला गया।
दादा पहुंचे तो कपड़ों से की पहचान
कुछ देर बाद बच्चों को खोजते हुए एक छात्र के दादा ईंट-भट्ठे के पास पहुंचे। यहां कपड़ा बाहर देख उसने अपने पोते के रूप में पहचान की। इसके बाद मौके पर दोनों छात्रों के परिजन व लोगों का हुजूम उमड़ गया। फिर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। सूचना पर लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पीएम के लिए अस्पताल में रखवाया। हादसे से दोनों छात्रों के परिजन सदमे में हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
मिट्टी निकालने के बाद नहीं भरते गड्ढे
इधर मामले में ईंट-भट्ठा संचालक की भी लापरवाही सामने आई है। ईंट बनाने के लिए मिट्टी निकालने के बाद उसने गड्ढों को नहीं भरा था, ऐसे में बारिश का पानी उसमें भरा हुआ था। इसी बीच बच्चे वहां पानी देख नासमझी में नहाने उतर गए और डूब जाने से उनकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि लखनपुर समेत सरगुजा में अवैध रूप से ईंट-भट्ठों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार आंख बंद किए हुए हैं। जबकि कई बड़े हादसे भट्ठों में हो चुके हैं।