बांकी पालिका में उलझे सांसद प्रतिनिधि और लेखापाल, तीखी बहस के साथ धर-पकड़,लेखापाल ने कहा -यहां नेतागीरी मत करो, प्रतिनिधि ने कहा -करूंगा

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कोरबा-बांकीमोंगर (आधार स्तंभ) : कोरबा जिले की नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे उस वक्त शोरगुल मच गया जब यहां सांसद प्रतिनिधि और लेखापाल में एक मसले को लेकर तीखी बहस के साथ कॉलर की पकड़ा-पकड़ी तक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पालिका अध्यक्ष मौजूद नहीं थीं और सीएमओ टीएल मीटिंग में शामिल होने मुख्यालय आई थीं।

हमारे समाचार सहयोगी से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार 15 जुलाई को नगर पालिका परिषद का काम काज सामान्य तरीके से चल रहा था और लोग अपनी-अपनी टेबल पर अपना-अपना काम निपटा रहे थे। इस दौरान एक नागरिक अपने आधार कार्ड में आवश्यक सुधार कार्य कराने के लिए पालिका कार्यालय पहुंचा। चूंकि कल आधार कार्ड का कार्य करने वाला कर्मचारी नहीं आया था इसलिए उक्त नागरिक के द्वारा अपने आधार कार्ड में संशोधन के लिए आवक-जावक टेबल पर बैठे महिला कर्मचारी से पावती मांगी गई। उसने कहा कि पावती देना संभव नहीं है, आप सीधे आधार केंद्र में जाकर भी सुधार कार्य करा सकते हैं।
नागरिक का तर्क था कि बाहर जाने पर 100 रुपए लिया जाता है। महिला कर्मचारी ने उसे स्पष्ट किया कि जो शुल्क निर्धारित किया गया है वह तो लगेगा ही, चाहे आप कार्य कहीं भी कराएं। इस बात पर नागरिक भड़क उठा और कहने लगा कि बिना पैसे लिए कहीं भी काम नहीं होता और पालिका में भी बिना लेन-देन के काम नहीं हो रहा है। इस बात पर महिला कर्मचारी के द्वारा नागरिक को सफाई देकर संतुष्ट किया जा रहा था कि इसी दौरान यहां सांसद प्रतिनिधि पहुंच गए। शोर सुनकर उन्होंने इस घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनाता देखकर लेखापाल सामने आए और उन्होंने इस तरह से कार्यालय में बेवजह की बात का वीडियो बनाने पर आपत्ति जाहिर की।

 

सांसद प्रतिनिधि भी भड़क गए कि मुझे वीडियो बनाने से कैसे रोक सकते हो और इसी बात को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि लेखापाल और सांसद प्रतिनिधि विवाद करते हुए मुख्य द्वार तक पहुंच गए।

इस दौरान पालिका के कर्मचारियों से लेकर यहां काम के सिलसिले में आए लोगों की भीड़ लग गई। सूत्र ने सत्यसंवाद को बताया कि बात इतनी बढ़ गई थी कि सांसद प्रतिनिधि भी उखड़ गए और लेखापाल ने भी आपा खो दिया और फिर दोनों एक-दूसरे का कॉलर तक पकड़ लिए। लेखापाल ने कहा कि यहां नेतागिरी मत करो तब सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि मैं तो नेतागिरी करूंगा। बात जब बढ़ने लगी तो उपस्थित लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह से विवाद को शांत कराया। हालांकि दोनों ने एक-दूसरे से माफी नहीं मांगी लेकिन सुखद रहा कि कल इस विवाद का तात्कालिक पटाक्षेप हो गया। पालिका के आसपास इस बात की चर्चा काफी गर्म रही।

 

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