छत्तीसगढ़ (आधार स्तंभ) : बालोद में जिलेभर के 2500 मितानिनें, बीसी और एमटी हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सभी मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने गए थे। इस दौरान तेज धूप और तेज बारिश में भी डटे रहे। इनकी प्रमुख मांगों में मितानिनों को एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) में शामिल करने, मानदेय में 50 प्रतिशत की वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग शामिल हैं।
वादा किया है तो निभाना पड़ेगा
लगभग तीन घंटे के प्रदर्शन में मितानिनों का कहना था कि कलेक्टर मितानिनों के बीच आ जाएं और हम ज्ञापन सौपेंगे, लेकिन कलेक्टर व्यस्त होने के कारण नहीं आईं। बरसते पानी में काफी देर तक प्रदर्शन करने के बाद दस मितानिनें कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से मिलीं और अपनी बात रखी। कलेक्टर ने मांगों को शासन के समक्ष रखने की बात कही। इसके बाद मितानिनों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं होने पर जिलेभर की मितानिनें चक्काजाम करेंगी।



