जगदलपुर(आधार स्तंभ) : शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशी अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी के साथ-साथ जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बनते जा रहे हैं। धरमपुरा मार्ग से लेकर कुम्हरावंड तक शाम होते ही बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर बैठ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक सामने आने वाले पशुओं से बचते हुए गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में मवेशियों के कारण कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। खासकर रात के समय अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा मवेशी पकड़ो अभियान वर्तमान में धीमा पड़ गया है। शहर में कांजी हाउस की व्यवस्था होने के बावजूद इसका प्रभावी संचालन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
इधर, गौ अभ्यारण्य योजना की घोषणा भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। बजरंग दल सहित कई सामाजिक संगठन लंबे समय से स्थायी समाधान और गौ अभ्यारण्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि घायल और बीमार मवेशियों के उपचार की जिम्मेदारी भी कई बार स्वयंसेवकों को उठानी पड़ती है।
शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए स्थायी योजना बनानी होगी। मवेशियों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ नियमित निगरानी और कार्रवाई जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की अगली पहल का इंतजार है, क्योंकि हर शाम शहर की सड़कें हादसों के खतरे के बीच गुजर रही हैं।




