कोरबा (आधार स्तम्भ). कोरबा के रेलवे स्टेशन के सामने में श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में आज छठवें दिन श्री कृष्ण रुक्मणि विवाह की अनुपम झांकी का चित्रण किया गया जिसने गाजे बाजे के साथ समस्त भक्तजनों ने रेलवे कॉलोनी की परिक्रमा लगाई श्री कृष्ण जी की दिव्य झांकी कथा स्थल से मुख्य मार्ग होते हुए हनुमान मन्दिर रेलवे स्टेशन के सामने से पूरे कॉलोनी में भ्रमण करते हुए कथा स्थल तक पहुंचा रास्ते में भगवान की इस दिव्य झांकी का जगह जगह स्वागत किया गया, मिठाई बांटी गई मार्ग में फूलो की वर्षा की गई.
श्री कृष्ण रुक्मणि विवाह की अनुपम झांकी का सभी भक्तजन ने स्वागत किया, कथा प्रसंग में व्यासपीठ महराज ने बतलाया कि श्री कृष्ण जी कि सोलह हजार एक सौ आठ पटरानिया थीं, भगवान की प्रथम रानियों में थी रूक्मणी जो कि बाल्य काल से ही द्वारिकाधीश को चाही थी उन्होंने पत्र लिखकर भगवान को संदेश भेजा था कि आप मुझे वरण कर ले चलो आप मुझे स्वीकार नहीं करेंगे तो मैं अपना देह त्याग दूंगी, उनकी इस मर्मपूर्वक पत्र को भगवान स्वीकारकरते हुए उनसे विवाह किया।
उक्त आयोजन में व्यासपीठ भागवताचार्य पण्डित कृष्णा महराज जी ,(दादर खुर्द जगन्नाथ मंदिर वाले) के द्वारा धर्म प्रचार प्रसार हेतु जागृति के लिए आदिशक्ति महीला मण्डल के द्वारा तह आयोजन किया जा रहा है।



