नए स्मेल्टर का 75 फीसदी काम पूरा, उत्पादन क्षमता 10 लाख टन वार्षिक होगी; बर्रा कोल ब्लॉक 2028 तक विकसित करने का लक्ष्य
कोरबा (आधार स्तंभ) : बालको में चल रहे विस्तार और आधुनिकीकरण के कार्यों से कोरबा के एल्युमिनियम उद्योग को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। नए स्मेल्टर प्लांट का करीब 75 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद बालको की एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 लाख टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इससे वेदांता समूह की कुल एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता करीब 28.5 लाख टन प्रतिवर्ष पहुंच जाएगी और समूह दुनिया के प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल होगा।
एल्युमिनियम पार्क विकसित करने की तैयारी
बालको संयंत्र के आसपास एल्युमिनियम पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लिए संयंत्र से करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे में जमीन की तलाश की जा रही है। यहां लघु एवं मध्यम उद्योगों को सीधे हॉट मेटल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे एल्युमिनियम आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों को कच्चा माल आसानी से मिलेगा और परिवहन लागत कम होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
कंपनी का उद्देश्य एल्युमिनियम उत्पादों की स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन बढ़ाना है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में भी निवेश जारी रखने की बात कही गई है, ताकि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच सके।
कोरबा में कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने पर विचार
बालको के सीईओ राजेश कुमार सिंह ने कोरबा में कैंसर उपचार की सुविधा विकसित करने की संभावना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वेदांता समूह के रायपुर स्थित कैंसर अस्पताल की तर्ज पर बालको क्षेत्र में भी विशेष कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। योजना साकार होने पर कोरबा और आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
बालको क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए परसाभाठा से रूमगड़ा तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए जिला प्रशासन को 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। सड़क बनने से भारी वाहनों का दबाव कम होगा और बालको क्षेत्र में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से भी राहत मिलने की संभावना है।
बालको प्रबंधन का कहना है कि कंपनी के विस्तार के साथ स्थानीय क्षेत्र के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उत्पादन क्षमता बढ़ने, नए उद्योगों के आने, सड़क एवं बिजली जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक क्षेत्र में निवेश से कोरबा में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।




