कोरबा(आधार स्तंभ) : जिले के रजगामार पंचायत में पेंशन दिलाने के नाम पर महिला हितग्राही के साथ ठगी व धमकी देने के संबंध में पीड़िता हितग्राही गायत्री प्रजापति के द्वारा कलेक्टर कोरबा के समक्ष उपस्थित होकर साक्ष्य सहित शिकायत प्रस्तुत की गई थी कलेक्टर ने शिकायत पत्र पर संज्ञान लेकर तत्काल जांच का आदेश दिए थे। जिस पर समिति गठित कर जांच कराया गया जांच में जितेंद्र राठौर को दोषी पाया गया इसके उपरांत पुलिस चौकी रजगामार क्षेत्र में हितग्राही गायत्री प्रजापति को पेंशन राशि दिलाने के नाम पर जितेंद्र राठौर के द्वारा ₹9,000 की मांग व धोखाधड़ी किए जाने तथा दबाव बनाकर धमकी दिए जाने के मामले में शिकायतकर्ता गायत्री प्रजापति की शिकायत पर पुलिस चौकी रजगामार थाना बालकोनगर द्वारा दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को अपराध 0604/2026, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5), 308(2), 318(4) एवं 351(3) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है।
दर्ज कराई गई रिपोर्ट
पीड़िता गायत्री प्रजापति पिता लक्ष्मण प्रजापति उम्र 38 साल पता पुराना गणेश चौक प्रेमनगर रजगामार आईसेक्ट च्वाईस सेंटर में काम करती है। उसका विवाह वर्ष 2005 में हुआ था और वर्ष 2008 में पति से अलग रहने लगी। शासन के द्वारा परित्यक्ता पेंशन के रूप में विधिवत् राशि मिल रहा है जो शासन द्वारा लगभग 7 वर्षो में मिल रहा है। विगत 2 वर्ष से पेंशन राशि नहीं आ रहा था जिसके लिए केवाईसी कराया गया। उसके बाद जितेन्द्र राठौर के द्वारा रूके हुए पेंशन दिलाने के लिए कुछ खर्चा देना पड़ेगा बोला गया। खर्चा नही दोगी तो तुम्हारा रूका हुआ पेंशन नही मिलेगा कहते हुए दबाव बनाया गया। पीड़िता को लगा कि जितेन्द्र राठौर पंच है आने-जाने के लिए 100, 200रूपए का मांग कर रहा होगा तब उनके बातों में आकर हामी भर दी परंतु उसके बैंक खाता में दिनांक 06.02.26 को पेंसन की राशि 14000 रूपए आने पर जितेन्द्र राठौर बार-बार पेंशन दिलाने के नाम मे 9000रूपए मांग करने लगा। मना करने पर दबाव बनाते हुए आगे पेंशन नहीं मिलेगा कहा गया। बोला कि अधिकारियों को भी पैसा देना पड़ता है इसलिए 9000रूपए देना पड़ेगा, कम नहीं होगा। उसके पश्चात ग्राम पंचायत रजगामार के सरपंच हरिसिंह राठिया के पुत्र चंद्रभान राठिया को दिनांक 13. 02.2026 आईसेक्ट च्वाईस सेंटर रजगामार में पैसा लेने के लिए भेजा गया। जितेंद्र राठौर से मोबाइल फोन से बातचीत हुई तो कहा मैने चंद्रभान को पैसा लाने भेजा है उसी को पैसा दे दो तब निवेदन किया कि कुछ पैसा कम कर दिजीए लेकिन वे नहीं माने। चंद्रभान सिंह राठिया 9000 रू. जितेन्द्र राठौर के कहने पर लिया। पीड़िता द्वारा उक्त संबंध में 06.05.26 को कलेक्टर के समक्ष शिकायत किया गया तो जितेन्द्र राठौर ने अपने परिचित व्यक्तियों को घर व भाई के पास भेजकर शिकायत वापस लेने लिए दबाव बनाते हुए धमकी दिया गया। जहां काम करती है वहां के मालिक कन्हैया राठौर को मारपीट कर जान से मरवाकर फेकवाने एवं एसटीएससी के केश के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी राजेन्द्र वस्त्रकार के माध्यम से दिलवाया गया।
बता दें कि जितेंद्र राठौर के विरुद् पिछले कार्यकाल में भी आदिवासी महिला सरपंच श्रीमती रामूला राठिया के द्वारा भी शिकायत किया जा चुका है। सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरण करने एवं बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत पुलिस व प्रशासन के समक्ष करने के बाद भी जितेंद्र राठौर तत्कालीन उप सरपंच रहते लगातार कार्यवाही से बचते आ रहा था। अब रजगामार की जनता भी उम्मीद लगा बैठी है कि पिछले कार्यकाल में जितेंद्र राठौर के द्वारा किए गए सभी भ्रष्टाचार भी बहुत जल्द उजागर हो सकते हैं।




