कोरबा,(आधार स्तंभ) : बालकोनगर पुलिस ने बालको हास्पिटल में पदस्थ ईसीजी टेक्निकल की शिकायत पर बजाज फाइनेंस के एजेंट शशांक सिंह पर ठगी का मामला कायम किया है। लोन फाइनेंस के बहाने उसने यह सब कारनामा किया।
पीडि़ता सीमा टोप्पो पिता विलीयम टोप्पो उम्र 32 वर्ष ग्राम डुमरडीह चौकी रजगामार की निवासी है। बालको नगर पुलिस को उसने बताया कि 01 अप्रैल 2025 को बजाज फायनेंस कंपनी कोरबा के एजेंट शशांक सिंह द्वारा उसे फोन कर लोन की रिक्वायरमेंट के संबंध में पूछे और आधार कार्ड, पैनकार्ड की जानकारी लेने के बाद बताया कि आपको बजाज फायनेंस कंपनी से 306000/- का लोन मिल सकता है। उस समय सीमा को जमीन खरीदने हेतु पैसे की आवश्यकता थी। शशांक सिंह के कहने पर अपना आधार कार्ड और पैनकार्ड मोबाईल पर वाट्सअप कर दी। इसके बाद बजाज फायनेंस कंपनी से उसे 306545 रुपये का लोन स्वीकृत हुआ तथा प्रोसेसिंग चार्ज कटने के बाद सीमा के स्क्चढ्ढ एकाउंट में 01 अप्रैल को ही 281790 रूपये आ गया। दूसरे दिन सीमा को उसके मंगेतर धीरज बैनर्जी द्वारा पैसा व्यवस्था होने की बात बताई गई तथा बजाज फायनेंस कंपनी से ली गई लोन राशि को वापस कर लोन क्लोज कराने के लिए बोला गया।
सीमा ने एजेंट शशांक सिंह को फोन के माध्यम से लोन क्लोज कराने के लिए बोला तो बताया कि कंपनी का रूल है कि एक महिने का ईएमआई पटाने के बाद ही लोन क्लोज हो पायेगा। शशांक सिंह द्वारा विश्वास में लेकर धोखाधडी करने की नीयत से बोला गया कि स्वीकृत लोन की राशि को मेरे एकाउंट में जमा कर दीजिये मैं कंपनी के नियमानुसार अगले महिने लोन को फोर क्लोज करा दूंगा। शशांक सिंह की बातों में आकर/विश्वास करके लोन की राशि शशांक सिंह के गूगल पे नंबर में 09 से 11 अप्रैल के मध्य ट्रांसफर की।
मई 2025 का पहला श्वरूढ्ढ सीमा के द्वारा कंपनी में पटाया गया परंतु शशांक सिंह द्वारा सीमा के लोन को फोर क्लोज न कराकर गुमराह कर जून 2025 से जून 2026 तक माह की श्वरूढ्ढ 8782/- को पटवाया है उसके बाद जुलाई 2026 का श्वरूढ्ढ शशांक के नहीं पटाने से मजबूरी में जुलाई 2026 का भी ईएमआई उसे पटाना पड़ा। लोन को फोर क्लोज कराने के लिए बोलने पर फोरक्लोज नहीं करा रहा है।
शशांक सिंह के द्वारा पटाये गये माह का ईएमआई सही समय पर नहीं पटाने से पीडि़ता के एकाउंट से पेनालटी की राशि काटी गई है। वह आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है। बालको थाना में सीमा टोप्पो की रिपोर्ट पर शशांक सिंह के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।




