सोहागपुर फीडर ठप, जेई ने नहीं उठाया फोन; पेयजल, मोबाइल नेटवर्क और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर

Must Read

 

कोरबा(आधार स्तंभ) :  कोरबा जिले के जांजगीर-चांपा सीमावर्ती ग्राम रींवापार में बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में पिछले 42 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। लगातार बारिश के बीच पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक समस्या के समाधान के लिए मौके पर नहीं पहुंचे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि सोहागपुर फीडर में खराबी आने के बाद कई बार बिजली विभाग को सूचना दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र के जेई से संपर्क करने की कोशिश भी की गई, मगर उन्होंने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।

स्थिति यह है कि ग्रामीण खुद ही बिजली फाल्ट तलाशने निकल पड़े। वे उन स्थानों तक पहुंचे, जहां पहले भी फाल्ट आते रहे हैं, लेकिन वहां न कोई कर्मचारी मिला और न ही मरम्मत कार्य होता दिखाई दिया। इससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात से पहले बिजली लाइनों के नीचे पेड़ों की छंटाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। आज भी कई जगहों पर पेड़ों की शाखाएं बिजली तारों से सटी हुई हैं, जिससे थोड़ी-सी बारिश में भी बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है।

बिजली बंद होने से गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों का संपर्क टूट रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बिजली बिल जमा नहीं करने पर विभाग तत्काल कार्रवाई करता है, तो 42 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने पर अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं होती?

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक रींवापार के लोगों को अंधेरे से राहत दिला पाता है।

Latest News

महिला की झोपड़ी बलपूर्वक तोड़ दिए,एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ शिकायत

कोरबा-पोड़ी उपरोड़ा(आधार स्तंभ) :   ग्राम अमलडीहा निवासी एक बेवा बुजर्ग पीड़िता ने गांव के एक दर्जन से अधिक लोगो...

More Articles Like This

- Advertisement -