कोरबा/रायगढ़ (आधार स्तंभ) : सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रायगढ़ पुलिस ने की गलत कार्यवाही, मुख्य आरोपी को पकड़ने में रही असफल, अपनी नाकामी छुपाने कोरबा के पत्रकार को ही बना दिया मुख्य आरोपी।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हुआ है जिसमें रायगढ़ जिले के कोसमनारा के सुप्रसिद्ध बाबा सत्यनारायण एक बच्चे के साथ खेलते और प्रेम करते दिखाई दे रहे हैं। वास्तव में बाबा जिस बच्चे को प्रेम करते वीडियो में दिखाई दे रहे हैं वह एक लड़का है। जिसे लेकर आकाश शर्मा नामक एक व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर अपने आई डी aakashvibess से 15 जनवरी को वीडियो डालकर बच्चे को लड़की बताते हुए अशोभनीय और अभद्र टिप्पणी करते हुए गलत तरीके से प्रचारित कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।
बाबा के समर्थकों व साहू समाज ने सौंपा था ज्ञापन
यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गई और बवाल मच गया। मामले में आहत स्थानीय सर्व साहू समाज और बाबा के स्थानीय समर्थकों द्वारा पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया। मामले में त्वरित कार्यवाही करने के चक्कर में पुलिस प्रशासन ने तथ्यों की सही ढंग से जांच किए बगैर ही कोरबा के एक पत्रकार को ही गिरफ्तार कर लिया। जबकि वास्तव में बाबा सत्यनारायण जी के ऊपर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा को गिरफ्तार करने के बजाय अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाकर वाहवाही लूट रहे है। जबकि साहू समाज रायगढ़ के जिला अध्यक्ष श्री डिग्री लाल साहू ने भी स्वयं स्वीकार किया है कि वीडियो में जो व्यक्ति बाबा के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रहा है वह गिरफ्तार किया गया व्यक्ति नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मुख्य आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
FIR दर्ज होते ही पहले आकाश के जगह सरोज को कर लिया गिरफ्तार !
29 जनवरी 2026 को दर्ज़ FIR में मुख्य आरोपी आकाश शर्मा के बजाय पुलिस ने मामले को शांत करने कोरबा के स्थानीय पत्रकार सरोज कुमार रात्रे को 29 जनवरी की रात्रि 10:30 बजे ही घर से गिरफ्तार कर लिया। जबकि सरोज रात्रे ने फेसबुक पर “बिना तथ्य का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल, वीडियो बनाने वाले की पहचान अज्ञात” लिखकर बाबा सत्यनारायण के पक्ष में ही अपना वक्तव्य लिखा था ! मामले में सरोज रात्रे जो स्वयं ही बाबा सत्यनारायण के भक्त है स्वयं अभद्र वीडियो से आहत होकर उनके द्वारा वीडियो बनाने वाले की पहचान जानने के लिए और उसे गिरफ्तार करने के लिए पोस्ट लिखा गया था न कि वीडियो में कोई टीका टिप्पणी की गई थी। इसके बावजूद रायगढ़ पुलिस प्रशासन ने कोरबा के पत्रकार को बिना उचित जांच और अपने उपर लगे आरोपों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का उचित अवसर दिए बिना ही गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरे जिले में उनकी छबि खराब हुई।
साइबर सेल भी मुख्य आरोपी को ढूंढने में असफल
बाबा सत्यनारायण के वीडियो में अशोभनीय टिप्पणी करते हुए इंस्टाग्राम पर आकाश शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा अपने आई डी aakashvibess से यह विवादित वीडियो 15 जनवरी को शेयर किया गया है जो कि आज भी उसकी आई डी में देखा जा सकता है। जिस पर रायगढ़ के एक स्थानीय पत्रकार मनीष सिंह ने भी आपत्ति दर्ज करते हुए फेसबुक में वीडियो शेयर किया है और आकाश शर्मा को चेतावनी भी दी है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्या साइबर सेल भी आकाश शर्मा के आई डी को सर्च नहीं कर पा रही जबकि वह वीडियो आज भी उसकी आई डी में दिखाई दे रहा है या फिर पुलिस प्रशासन आकाश शर्मा को पकड़ना ही नहीं चाहती है। उक्त तथ्यों को देखने पर यह प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी दिखा कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में रायगढ़ पुलिस की कोई दिलचस्पी नहीं है। इससे रायगढ़ पुलिस की भूमिका भी संदेहास्पद नजर आ रही है।
स्थानीय पत्रकार मनीष सिंह द्वारा फेसबुक में शेयर किये गए वीडियो का लिंक 👇
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