स्टिंग ऑपरेशन में फंसे ASP, अवैध वसूली का गंभीर आरोप,जांच जारी

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बिलासपुर(आधार स्तंभ) :  छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है। बिलासपुर के पूर्व और वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पदस्थ एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ ‘स्टिंग ऑपरेशन’ जैसा एक वीडियो सामने आने के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

👉🏻स्पा संचालक ने गोपनीय तरीके से बनाया वीडियो

पूरा मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक स्पा संचालक ने एडिशनल एसपी पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। संचालक का दावा है कि राजेंद्र जायसवाल स्पा संचालन के बदले मोटी रकम की मांग करते थे। संचालक ने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उन्हें दफ्तर बुलाकर धमकाया गया, जिसकी उन्होंने अपने डिवाइस से गोपनीय रिकॉर्डिंग कर ली। वायरल वीडियो में कथित तौर पर लेनदेन और दबाव बनाने की बातें सुनाई दे रही हैं।

👉🏻“पैसे नहीं दिए तो पड़वा दूंगा छापा”

शिकायतकर्ता ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) को सौंपी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि एएसपी द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। संचालक के अनुसार, अधिकारी ने धमकी दी थी कि यदि ‘मंथली’ नहीं दी गई, तो स्पा पर फर्जी छापेमारी कर उसे बंद करवा दिया जाएगा। इस शिकायत के साथ ही ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी पेश किए गए हैं।

👉🏻IG ने SSP बिलासपुर को सौंपी जांच

मामले के तूल पकड़ते ही बिलासपुर रेंज के आईजी ने त्वरित कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वायरल वीडियो, व्हाट्सएप चैट और ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच कर 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

👉🏻प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज

राजेंद्र जायसवाल बिलासपुर में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं और वर्तमान में GPM जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) पर इस तरह के खुले भ्रष्टाचार के आरोप लगने से पुलिस की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, विभाग अधिसूचना जारी होने और जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।

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