करतला (आधार स्तंभ) : करतला जनपद के एक ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जिसमें सरपंच व सचिव द्वारा शौचालय निर्माण की अग्रिम राशि निकालकर गबन कर लिया गया है और आज पर्यंत तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।
मामला करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत तुमान का है। जहाँ पर शा. उच्च. मा. विद्यालय तुमान में बालक बालिका शौचालय निर्माण के लिए सत्र 2022 में 386000 (तीन लाख छियासी हजार रुपये) की राशि को प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। जिसमें से प्रथम क़िस्त की राशि 193000 रुपये में से 170000 रुपए की राशि ग्राम पंचायत तुमान के तत्कालीन सरपंच श्रीमती ललिता कंवर व सचिव द्वारा निकालकर गबन कर लिया गया है। आज उनको राशि आहरित किए तीन साल बीत गए किंतु निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है। तुमान पंचायत में ऐसे और भी कई मामले सामने आने की संभावना है जिसमें राशि आहरण करने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है या फिर अपूर्ण कार्य में पूरी राशि आहरित कर ली गई है।
ऐसा सिर्फ तुमान पंचायत में ही नहीं है कई सारे ग्राम पंचायतों में ऐसे कई मामले है जिसमें सरपंच सचिवों द्वारा राशि आहरण कर गबन कर लिया गया है। ग्राम पंचायत बरपाली में भी सत्र 2018-19 में तत्कालीन सरपंच गोविंद नारायण द्वारा नाली निर्माण का 400000 (चार लाख रुपये) निकाल कर गबन कर लिया गया था जिसमें जनपद द्वारा नोटिस जारी करने पर तत्कालीन सचिव द्वारा अपने हिस्से का दो लाख रुपये जनपद में जमा कर दिया गया किंतु तत्कालीन सरपंच गोविंद नारायण द्वारा अपने हिस्से का दो लाख रुपये आज पर्यंत तक जमा नहीं किया गया है। जिस पर जनपद या जिले के अधिकारियों द्वारा सबकुछ जानते हुए भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
इन सब मामलों को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि ये सारे भ्रष्टाचार अधिकारियों के संरक्षण में हो रहे हैं क्योंकि हर मामले की जानकारी जनपद पंचायत और जिला पंचायत में उपलब्ध रहती है। लेकिन अधिकारियों द्वारा पंचायत से वसूली की कार्यवाही नहीं की जाती बस सिर्फ नोटिस जारी कर या फिर जांच कमेटी बैठाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जाता है।
अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत तुमान के भ्रष्टाचार मामले में भी बरपाली पंचायत की तरह मामला रफा दफा करने का प्रयास किया जाता है या फिर कोई ठोस कार्यवाही की जाती है।



