विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, जांच के निर्देश
कोरबा(आधार स्तंभ) : कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के तत्कालीन शिक्षा अधिकारी ए.के. चन्द्राकर पर शासन की राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा द्वारा विशेष अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014-15 के दौरान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर रहते हुए अधिकारी द्वारा शिक्षक पंचायत संवर्ग के संयुक्त खाते से राशि संचालन के नियमों का पालन नहीं किया गया। शासन द्वारा स्वीकृत राशि ₹1.25 लाख, ₹2.48 करोड़ तथा ₹7.37 करोड़ का भुगतान बिना विधिवत संयुक्त हस्ताक्षर के किया गया, जिससे वित्तीय अनियमितता की स्थिति निर्मित हुई।
अभियोजन पत्र में उल्लेख है कि संबंधित अधिकारी ने शासन के निर्देशों के विपरीत राशि का उपयोग किया तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धारा 3 का उल्लंघन किया।
इसी तरह गणवेश वितरण योजना में भी अनियमितता सामने आई है। वर्ष 2014-15 में गणवेश वितरण हेतु प्राप्त 1,23,064.7 मीटर कपड़े में से केवल 94,940 मीटर का ही उपयोग किया गया। शेष कपड़े का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया है।
जिला मिशन संचालक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन कोरबा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि राशि संचालन, खाते की स्थिति तथा गणवेश वितरण से जुड़ी समस्त कार्यवाही की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।



