बरपाली(आधार स्तंभ) : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार बरपाली पंचायत का चुनाव काफी रोमांचक हो गया है। सरपंच चुनाव में इस बार 6 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें दो युवा प्रत्याशी हैं जिनके बीच काफी रोमांचक मुकाबला चल रहा है। दोनों पूरे दमखम से सरपंच की गद्दी पर बैठने के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं पर तीसरी प्रत्याशी के रूप में पूर्व जनपद अध्यक्ष धनेश्वरी कंवर भी मैदान में कूद चुकी हैं लेकिन इनके पति पूर्व सरपंच गोविंद नारायण के अपने कार्यकाल में किये गए डी एम एफ मद के घोटालों की चर्चा धनेश्वरी कंवर को नुकसान पहुँचा रहा है।

ग्राम पंचायत बरपाली में इस बार सरपंच पद के लिए मुकेश बिंझवार, भुनेश्वर बिंझवार, धनेश्वरी कंवर, सुमरन सिंह, अमृत लाल मरावी, संतोष ठाकुर मिलाकर कुल 6 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। अभी की स्थिति में मुकाबला भुनेश्वर बिंझवार और मुकेश बिंझवार के बीच नजर आ रहा है। दोनों युवा प्रत्याशी भारी जनसमर्थन के साथ मैदान में डटे हैं वहीं धनेश्वरी कंवर भी पुनः पंचायत पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। किंतु ऐसा लगता है कि धनेश्वरी कंवर इस बार वोट काट सकती है किंतु सरपंच की गद्दी मिलना उसके लिए आसान नहीं है।
जब धनेश्वरी कंवर जनपद अध्यक्ष थी तब उसके पति गोविंद नारायण बरपाली पंचायत में सरपंच के पद पर थे। गोविंद नारायण द्वारा अपने कार्यकाल में किये गए डी एम एफ मद घोटाले का मामला अभी तक लंबित चल रहा है। जिसमें रिकवरी का आदेश होने के बाद भी उसके द्वारा जनपद में पैसा जमा नहीं किया जा रहा जबकि तत्कालीन सचिव द्वारा अपने हिस्से का पैसा जमा कर दिया गया है। अभी पंचायत चुनाव में अदेय प्रमाण पत्र लेने के लिए गोविंद नारायण द्वारा दो लाख का चेक देकर एन ओ सी ले लिया गया और बाद में अधिकारियों से सांठगांठ कर चुनाव चिन्ह मिलने के बाद चेक वापस ले लिया गया।
आजकल की जनता जागरूक हो चुकी है नेता जनता को एक बार बेवकूफ बना सकता है बार बार नहीं। इस बार बरपाली की जनता युवा प्रत्याशी पर दांव लगाना चाह रही है। लोगों में चर्चा चल रही है कि गोविंद नारायण द्वारा पहले जब इतना घोटाला किया जा चुका है अगर दुबारा बरपाली की सत्ता उसके हाथ में आ गई तो फिर बरपाली के विकास का भगवान ही मालिक है।



