रायपुर(आधार स्तंभ) : विद्यामितान राज्य अतिथि शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष राकेश कुमार साहू ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि अगर सरकार अपना वादा पूरा करते हुए विद्यामितानों के नियमितीकरण की घोषणा नहीं करती है तो 15 अगस्त के बाद संघ द्वारा आमरण अनशन किया जाएगा। विद्यामितानों के प्राणों के साथ जो भी होगा उसकी जिम्मेदार सरकार और मंत्रालय में आला अधिकारीगण होंगे। उन्होंने सरकार के घोषणा पत्र का अग्नि दहन करते हुए उसी अग्नि में अग्नि स्नान तक की चेतावनी दी है। सरकार ने जिस गंगाजल को हाथ में लेकर कसम खाया था हम उसी गंगा में जल समाधि ले लेंगे।
विद्यामितान विगत 8 वर्षों से छत्तीसगढ़ के सुदूर जिलों बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, गरियाबंद संभाग जैसे 25 जिलों में कार्यरत हैं। 2018 में तात्कालिक विपक्ष के नेतागण आज के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री टी एस बाबा, शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे ने गंगाजल लेकर कसम खाया और अपने घोषणापत्र में लिखा कि विद्यामितान जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं उन्हें नियमितीकरण किया जाएगा। लेकिन सरकार बनने के बाद विद्यामितान को अतिथि पदनाम देकर शिक्षा विभाग में कुछ नियमों के साथ शामिल किया गया।
इस प्रक्रिया में अधिकारियों की लापरवाही, पद की संख्या मे कमी, नियम उलंघनो की वजह से 300 विद्यामितान नौकरी से वँचित हो गये। उसके बाद अतिथि बनने के बावजूद प्रमोशन, नई भर्ती, आत्मानंद में प्रतिनियुक्ति इत्यादि समस्याओ के चलते कई विद्यामितान प्रभावित हुए। इन सभी समस्याओ के पीछे का मुख्य कारण शासन-प्रशासन की अनदेखी और झूठे आश्वासन है।
जिसके कारण हम विद्यामितान शिक्षकों को मजबूरी में आंदोलन की राह पर जाना पड़ रहा है वर्तमान में हम रायपुर के तुता धरना स्थल पे जिला स्तरीय सांकेतिक हड़ताल कर रहे है इस हड़ताल में भी हम सिर्फ प्रार्थना कर रहे है इस उम्मीद में कि आगामी 15 अगस्त में सरकार हमारे लिए नियमितीकरण की घोषणा करेगी।अगर 15 अगस्त तक माँग पूरी नहीं होती है तो फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा।



