कोरबा (आधार स्तंभ) : मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का सीधा असर ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या पर पड़ा है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 300 मरीज ओपीडी में आते थे, वहीं अब यह संख्या तीन गुना से अधिक हो गई है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है।
ओपीडी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रजिस्ट्रेशन कक्ष के सामने पर्याप्त स्थान न होने के कारण अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह बंद करना पड़ा। वहां मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्थायी वेटिंग एरिया बनाया गया है। फिलहाल मरीज पुराने आपातकालीन गेट से अस्पताल में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी समय में इसी क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ के कारण आवाजाही में परेशानी होती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद नगर निगम द्वारा अस्पताल परिसर में बाहरी ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष सह वेटिंग एरिया का निर्माण कराया जा रहा है। इस नए प्रतीक्षालय में लगभग 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी, जिससे मरीज और उनके परिजन आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे।
नए ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष से पुराने भवन और ट्रामा सेंटर में संचालित संबंधित ओपीडी विभागों तक पहुंचने के लिए शेड का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि मरीजों को मौसम की मार से बचाया जा सके। रजिस्ट्रेशन के समय ही मरीजों को उनकी बीमारी से संबंधित ओपीडी विभाग की जानकारी और लोकेशन दी जाएगी, जिससे वे सीधे संबंधित कक्ष तक पहुंच सकें। चलने में असमर्थ मरीजों के लिए व्हीलचेयर की भी व्यवस्था रहेगी।
नया ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष देगा बड़ी राहत:
संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर ने बताया कि अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी के पीछे सर्वसुविधायुक्त नया ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष सह प्रतीक्षालय बनाया जा रहा है। यहां रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ मरीजों को इलाज से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां एक ही स्थान पर मिलेंगी। इससे पुराने भवन में अनावश्यक भीड़ कम होगी और मरीजों को बेहतर सुविधा व राहत मिल सकेगी।

