उजड़ कर कहाँ जाएंगे,सता रही चिन्ता, जमीन और सहायताकी मांग
👉🏻 इंदिरा नगर बस्तीवासियों में भय मिश्रित आक्रोश
कोरबा(आधार स्तंभ) : कोरबा शहर में क्रॉस के लाल निशान ने दहशत फैला दी है। लगभग 4 से 5 दशक से निवासरत इंदिरा नगर बस्तीवासियों को उजाड़ने की मोहलत दे दी गई है। एक माह से चली आ रही चेतावनी के बीच रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गई जब रेलवे की ओर से यहां के करीब 250 घरों में लाल क्रॉस के निशान लगाकर घरों का चिन्हांकन किया गया। सोमवार को रेलवे अमला बस्ती में पहुंचकर घरों को तोड़ने की तैयारी की चेतावनी देकर चला गया।
इसके बाद बस्ती के लोगों ने पार्षद टामेश अग्रवाल, रवि सिंह चंदेल की अगुवाई में रेलवे स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष अपना आक्रोश प्रदर्शित किया। रेलवे के अतिक्रमण दस्ता के कार्यालय के दरवाजे पर ताला लगा दिया गया और अधिकारी वहां से रफूचक्कर हो गए। इस दौरान बस्ती वासियों ने अपनी बात रेलवे के अधिकारियों के समक्ष रखी किंतु उन्होंने ऊपर के अधिकारियों से बात करने की बात कह कर अपने हाथ खींच लिए। बस्तीवासियों सहित पार्षदों का कहना है कि वर्षों से यहां रह रहे लोग नगर पालिक निगम को बाकायदा टैक्स प्रदान करते हैं, बिजली बिल का भी भुगतान करते आ रहे हैं और निगम ने उनकी बस्ती में तमाम तरह की सुविधा मुहैया कराई है लेकिन इस तरह से बिना किसी बसाहट, जमीन और आर्थिक सहायता की सुविधा दिए बगैर उजड़े जाने से उनके समक्ष आवास का संकट उत्पन्न हो गया है।
बस्तीवासियों ने कहा है कि आखिर हम कहां जाएंगे? हमारे लिए सिर छिपाने की जगह कहां बनेगी? उनकी मांग है कि घर उजाड़ने से पहले बसने के लिए जगह और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कराई जाए। इस मसले को लेकर रेलवे स्टेशन में घेराव करने के बाद रात को ठाकुरदिया के पास बस्तीवासियों की बैठक आहूत गई और कई निर्णय लिए गए। आज भी बैठक चल रही है जिसमें अगला कदम उठाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
👉🏻 उजाड़कर क्या बनाएंगे,पता नहीं
इंदिरा नगर बस्ती के लगभग 250 घरों को उजाड़ने के बाद रेलवे यहां क्या बनाएगा, इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को नहीं है। इस विषय में पिछले 1 महीने से जानने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर बसे-बसाए घरों को उजाड़ कर रेलवे की यहां क्या बनाने की योजना है, किंतु कोई भी जानकारी दे पाने में स्थानीय अधिकारी समर्थ नहीं हैं। यहां तक कि जनप्रतिनिधियों को भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर उनकी योजना क्या है। शुरुआती दौर में ऐसा हल्ला था कि यहां रेलवे कॉलोनी का निर्माण किया जाएगा तो कभी यार्ड बनाने की बात कही जा रही है, लेकिन सारा कुछ आज तक अस्पष्ट ही है।
👉🏻 एक सप्ताह टल गई कार्रवाई
रेलवे द्वारा मंगलवार को मकानों को तोड़ने की चेतावनी के बाद सोमवार को रेलवे स्टेशन में किया गया प्रदर्शन और पार्षद रवि सिंह चंदेल के द्वारा इस विषय में कोरबा सांसद ज्योत्स्ना चरणदास महन्त से की गई चर्चा और उनके द्वारा की गई बातचीत के बाद फिलहाल एक हफ्ते के लिए यह कार्रवाई टाल दिए जाने की जानकारी मिल रही है। यह भी ज्ञात हुआ है कि रेलवे के द्वारा पर्याप्त बल और अमला कोरबा नहीं पहुंच पाने के कारण इस कार्रवाई को रोकने की नौबत आई है।

