कोरबा (आधार स्तंभ) : कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से एक बड़ी और दुखद घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार गेवरा बस्ती धरमपुर में बिजली लाइन का कार्य कर रहे एक ठेका कर्मी लाइनमैन की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सतीश अग्रवाल के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह सतीश अग्रवाल (लाइनमैन) चलती हुई विद्युत लाइन पर तार दुरुस्त करने के लिए चढ़ा हुआ था। कार्य के दौरान अचानक वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना तेज था कि सतीश मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कुसमुंडा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाया जाएगा।
परिजनों में मातम
सतीश अग्रवाल की असमय मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि वह बिजली विभाग के तहत ठेका प्रणाली में काम करता था। परिजनों ने ठेका व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि लाइनमैन को उचित सुरक्षा किट दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ठेका व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में ठेका कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ी हो। विद्युत मरम्मत कार्य के दौरान अक्सर लाइनमैन बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम करते हैं। ऐसे में उनकी जान पर खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के अधिकारी और ठेका कंपनी दोनों पर ही लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं।
क्षेत्र में गुस्सा और आक्रोश
स्थानीय लोगों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद बिजली विभाग और ठेका कंपनियां कोई ठोस कदम नहीं उठातीं। लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रितों को नौकरी दी जाए।
निष्कर्ष
कुसमुंडा में लाइनमैन सतीश अग्रवाल की करंट लगने से हुई मौत ने एक बार फिर ठेका व्यवस्था की खामियों और बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह घटना बिजली विभाग के कामकाज पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।