रायपुर(आधार स्तंभ) : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था की तस्वीर बदलने जा रही है। 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो जाएगा। इसकी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और एक-दो दिन में गृह विभाग की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। नोटिफिकेशन जारी होते ही राज्य सरकार सबसे पहले ओएसडी की नियुक्ति करेगी, जिसे 23 जनवरी से कंटिन्यू कर रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर पोस्ट किया जाएगा। पुलिस कमिश्नरेट की शुरुआत के मौके पर 23 जनवरी को पुलिस लाइन में भव्य आयोजन की भी तैयारी है, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर को लेकर पिछले एक महीने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। आईजी स्तर के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के स्तर पर रामगोपाल गर्ग, संजीव शुक्ला, अभिषेक शांडिल्य और दीपक झा के नामों पर मंथन हुआ है। रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा भी कमिश्नरेट के लिए पसंदीदा नाम थे, लेकिन ईओडब्ल्यू और एसीबी के अहम मामलों की जिम्मेदारी के चलते सरकार उन्हें फिलहाल वहीं बनाए रखना चाहती है। इससे रामगोपाल गर्ग की दावेदारी और मजबूत हो गई है।
चंडीगढ़ में लंबे समय तक सीबीआई एसपी रहे हैं रामगोपाल गर्ग
2007 बैच के आईपीएस अधिकारी रामगोपाल गर्ग छत्तीसगढ़ कैडर के अनुभवी और सख्त छवि वाले अफसर माने जाते हैं। वे करीब सात साल तक सीबीआई में सेवाएं दे चुके हैं और चंडीगढ़ में लंबे समय तक सीबीआई एसपी रहे। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम प्रकरण की जांच में उनकी भूमिका को पुलिस महकमे में खास तौर पर सराहा जाता है। नियम-कानून की गहरी समझ और निष्पक्ष कार्यशैली को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।
ज्वाइंट कमिश्नर बन सकते हैं लाल उमेद सिंह
रायपुर के मौजूदा एसएसपी लाल उमेद सिंह को पुलिस कमिश्नरेट में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनाए जाने की भी चर्चा है। हाल ही में डीआईजी पद पर पदोन्नत लाल उमेद सिंह को राजधानी की पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। सूत्र बताते हैं कि रामगोपाल गर्ग की रायपुर में पूर्व पोस्टिंग नहीं रही है, ऐसे में स्थानीय अनुभव का संतुलन बनाने के लिए लाल उमेद सिंह को अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

